डॉ. सोनेलाल पटेल ने जब 1995 में अपना दल का गठन किया था, तब पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के कुर्मी और पिछड़े वर्ग को लगा था कि उन्हें एक मजबूत आवाज मिल गई है। आज वही परिवार और विरासत दो ध्रुवों में बंटी हुई है—एक तरफ केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल हैं, तो दूसरी तरफ सिराथू में डिप्टी सीएम को हराकर सबको चौंकाने वाली उनकी सगी बहन पल्लवी पटेल । 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह सवाल हर चाय की दुकान और चौपाल पर गूंज रहा है कि आखिर कुर्मी समाज का असली नेता कौन है? उत्तर प्रदेश में कुर्मी वोट बैंक कितना प्रतिशत है और किन जिलों में असरदार है? उत्तर प्रदेश में कुर्मी (पटेल) समाज की आबादी कुल मतदाताओं की लगभग 6% से 7% है। यह संख्या भले ही पूरे राज्य के औसत में एक जैसी न दिखे, लेकिन पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के लगभग 16 से 18 जिलों में यह समुदाय किसी भी दल की सरकार बनाने या गिराने की पूरी ताकत रखता है। जिन जिलों में कुर्मी वोट बैंक 12% से 22% तक है, वे मुख्य क्षेत्र इस प्रकार हैं: विंध्याचल और संगम बेल्ट: मीरजापुर, प्रयागराज, कौशांबी, सोनभद्र, भदोही। अवध और बुंदेलखंड: प्रता...