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जंतर-मंतर से उठी आग या शांत हो जाएगा तूफान? जानिए देश की जनता का सबसे बड़ा निष्पक्ष ओपिनियन पोल !

  दोस्तों, जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन, सोनम वांगचुक के अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और पेपर लीक के मामलों ने पूरे देश को दो फाड़ कर दिया है। एक तरफ वो युवा हैं जो अपनी रातों की नींद खराब करके सड़कों पर हैं, तो दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और कड़े कानून बनाए जा रहे हैं। बिंदास पोल (Bindaas Poll) हमेशा आपकी आवाज को निष्पक्ष तरीके से सामने लाता है। आज हम देश की सबसे बड़ी जनता की अदालत में यह सवाल रख रहे हैं। आपका एक-एक वोट और कमेंट यह तय करेगा कि देश का मिजाज क्या है। 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting): Super Survey Maker Super Survey दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || !! जय हिन्द !! सत्ता से संघर्ष नही समाधान चाहिए !! जय हिन्द !! 
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Jantar Mantar Protest Maha Poll: सोनम वांगचुक, NTA, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर देश का सबसे बड़ा महा-सर्वे ! 10 बड़े सवालों पर दें अपनी राय !

नई दिल्ली ग्राउंड रिपोर्ट:  -- दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय देश के युवाओं, छात्रों और शिक्षाविदों के सबसे बड़े आंदोलन का केंद्र बन चुका है। सोनम वांगचुक का आमरण अनशन, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का रात भर का पहरा, NEET धांधली की गूंज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग—इन सभी मुद्दों ने पूरे देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। क्या सरकार छात्रों की आवाज़ दबा रही है? क्या NTA को बंद कर देना चाहिए? 2026-2027 के चुनावों में यह युवा वोट बैंक क्या गुल खिलाएगा? बिंदास पोल (Bindaas Poll) आपके लिए इस पूरे राष्ट्रीय मुद्दे से जुड़े 10 सबसे कड़क और बड़े सवाल एक ही पेज पर लेकर आया है। 👇 नीचे दिए गए सभी 10 महा-पोल्स पर अपनी बेबाक वोटिंग करें और अपनी भड़ास निकालें ! 📌 1. सोनम वांगचुक का अनशन और पुलिस कार्रवाई लद्दाख के समाजसेवी सोनम वांगचुक 21 दिन से पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर थे, जिन्हें पुलिस ने जबरन अस्पताल पहुंचा दिया। Super Survey Maker 📌 2. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों का सीधा आरोप है कि इतनी परीक्षाओं में धांधली के बाद शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी ले...

सरकारी स्कूल बदहाल, प्राइवेट में लाखों की लूट! आम आदमी का बच्चा पढ़ेगा कैसे और आगे बढ़ेगा कैसे ?

 आज देश में शिक्षा एक सेवा नहीं, बल्कि अरबों-खरबों का धंधा बन चुकी है। सरकारी स्कूलों की हालत यह है कि कहीं छत टपक रही है तो कहीं मास्टर साहब नदारद हैं। मजबूरी में आम आदमी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में डालता है, जहाँ एडमिशन फीस के नाम पर डाका डाला जाता है। नर्सरी के बच्चे की फीस भी अब कॉलेज की फीस से ज्यादा हो चुकी है। और ऊपर से जब बच्चा बड़ा होकर कंपटीशन की तैयारी करता है, तो वहां पेपर लीक का सामना करना पड़ता है। क्या देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से रीसेट करने का वक्त नहीं आ गया है? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting): Super Survey Maker Super Survey दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || जय हिन्द !!

जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले गई पुलिस, क्या देश के छात्रों की आवाज दबाई जा रही है ?

 दोस्तों, जंतर-मंतर से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे दिल को झकझोर देने वाली हैं। लद्दाख के मशहूर समाजसेवी सोनम वांगचुक पिछले तीन हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मांग सिर्फ इतनी थी कि देश में बार-बार जो पेपर लीक हो रहे हैं, नीट (NEET) की धांधली हो रही है और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, उस पर केंद्र सरकार जवाब दे। लेकिन अब उन्हें जबरन एम्स/अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। एक तरफ हमारे बच्चे दिन-रात 18 घंटे पढ़ाई करके परीक्षा देते हैं और दूसरी तरफ पेपर लीक करने वाले माफिया मजे मारते हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो चुकी है। आप बताइए, क्या देश के बच्चों के भविष्य के लिए आवाज उठाना गलत है? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting):  Super Survey Maker Super Survey दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || !! जय हिन्द !! सत्ता से संघर्ष नही समाधान चाहिए !! जय हिन्द !! 

जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का रात भर का पहरा! क्या देश के युवा अब राजनेताओं को उखाड़ फेंकने के मूड में हैं ?

 दिल्ली के जंतर-मंतर पर रात का नजारा देखने लायक था। बिना किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी के बैनर के, हजारों युवा और छात्र सड़कों पर सो रहे हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के इस अनूठे प्रदर्शन ने सरकार के पसीने छुड़ा दिए हैं। अभिजीत डिपके और उनके साथियों का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आती, वे पीछे नहीं हटेंगे। युवाओं का कहना है कि नेता सिर्फ वोट मांगने आते हैं, लेकिन जब नीट पेपर लीक होता है या छात्र आत्महत्या करते हैं, तो कोई नेता अस्पताल या छात्रों के घर ढांढस बंधाने नहीं जाता। क्या आपको लगता है कि भारत का युवा अब अपनी लड़ाई खुद लड़ने के मूड में आ चुका है? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting):  Super Survey Super Survey Maker दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || जय हिन्द !!

'संसद चलो' का नारा और जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स! क्या सरकार संसद में शिक्षा की जवाबदेही पर बहस करने से डर रही है ?

 मॉनसून सत्र शुरू होते ही दिल्ली की सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जंतर-मंतर से 'संसद मार्च' का आह्वान करने वाले छात्रों को जगह-जगह रोका जा रहा है। संसद में विपक्ष ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट धांधली पर हंगामा शुरू कर दिया है। सवाल यह उठता है कि जब किसान आंदोलन हुआ, तब भी पुलिस का पहरा था। जब पहलवान बैठे, तब भी वही हुआ। और अब जब देश के पढ़ने वाले बच्चे और सोनम वांगचुक जैसे शिक्षक सड़क पर हैं, तब भी पुलिस के बल पर उन्हें हटाया जा रहा है। आखिर सरकार छात्रों से सीधी बात करने से क्यों कतरा रही है? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting):  Super Survey Maker Super Survey Maker दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || जय हिन्द !!

10 लाख की कोचिंग, फिर भी पेपर लीक! क्या भारत में पढ़ाई सिर्फ अमीरों का खेल बनकर रह गई है?

 कोटा से लेकर दिल्ली के मुखर्जी नगर तक, हर गली में कोचिंग मंडी खुली हुई है। एक गरीब या मध्यमवर्गीय बाप अपनी जमीन बेचकर, कर्ज लेकर अपने बेटे-बेटी को डॉक्टर या अफसर बनाने के लिए 5 से 10 लाख रुपये कोचिंग में झोंक देता है। लेकिन जब बच्चा सेंटर पर परीक्षा देने पहुंचता है, तो पता चलता है कि 10-10 लाख रुपये में पर्चे पहले ही बिक चुके हैं। जो अमीर हैं, वे पैसे देकर पेपर खरीद लेते हैं और जो मेहनत करने वाले गरीब बच्चे हैं, वे ओवरएज होकर डिप्रेशन में चले जाते हैं। क्या यह देश के बच्चों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात नहीं है?  🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting): Super Survey Maker Super Survey दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || जय हिन्द !!