अखिलेश के 'पीडीए' (PDA) के जवाब में ओवैसी-पल्लवी का 'पीडीएम' (PDM): क्या 2027 में उत्तर प्रदेश का अल्पसंख्यक मतदाता एकतरफा वोटिंग की लीक से हटेगा? नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के विशेष चुनावी मंच पर आपका स्वागत है। AIMIM के भाग 1 (हैदराबाद से यूपी तक के सफर ) में हमने देखा कि कैसे असदुद्दीन ओवैसी ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में अपनी आवाज तो बुलंद की, लेकिन भाजपा को हराने की रणनीतिक होड़ के चलते मुस्लिम मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी के पक्ष में एकतरफा लामबंदी दिखाई और मजलिस का खाता नहीं खुला। लेकिन अब हालात 2022 जैसे नहीं हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है: क्या समाजवादी पार्टी में मुस्लिम नेताओं की घटती हिस्सेदारी और खामोशी से अल्पसंख्यक समाज के भीतर असंतोष पनप रहा है? अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल और असदुद्दीन ओवैसी का 'पीडीएम' (पिछड़ा, दलित, मुसलमान) गठबंधन 2027 में कितना बड़ा फैक्टर साबित होगा? पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड की वे 35 विधानसभा सीटें कौन सी हैं जहाँ ...