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UP चुनाव 2027 का महा-सर्वे: 45 वीआईपी सीटों पर किसकी बनेगी सरकार? जानिए योगी के मंत्रियों और अखिलेश के गढ़ों का पूरा रिपोर्ट कार्ड

लखनऊ के सत्ता गलियारे, पश्चिमी यूपी का गन्ने का दर्द और पूर्वांचल की जातीय गोलबंदी: 45 वीआईपी सीटों का महा-मंथन नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की चुनावी टीम ने पिछले कुछ हफ्तों में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और सूबे की सबसे हाई-प्रोफाइल 45 वीआईपी विधानसभा सीटों की एक-एक चौपाल, कस्बों, गांवों और चाय की दुकानों पर जाकर जो ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है, उसका सबसे बड़ा महा-विश्लेषण आज आपके सामने है। 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सिर्फ एक राज्य की सरकार चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा और दशा तय करने वाला सबसे बड़ा सियासी सेमीफाइनल है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के सामने 10 साल की सत्ता के बाद लगातार तीसरी बार इतिहास रचने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ 2024 के लोकसभा नतीजों से उत्साहित अखिलेश यादव का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन इस बार सत्ता की चाबी छीनने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। हमारी 45 वीआईपी सीटों की पड़ताल में क्या निकलकर आया? कहाँ भाजपा के मंत्री सुरक्षित हैं और कहाँ विपक्ष ने तगड़ी घेराबंदी कर दी ह...

महाराजपुर चुनाव 2027: क्या विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना लगाएंगे 9वीं जीत का रिकॉर्ड या होगा उलटफेर ?

चकेरी एयरपोर्ट का रनवे, जाजमऊ की टेनरियों का धुआं और 'मिस्टर डेवलपमेंट' का 8 बार का अजेय तिलिस्म: महाराजपुर 2027 का महा-मुकाबला राम-राम और नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की 45 वीआईपी हॉट सीट महा-पड़ताल में आज हम पहुंचे हैं उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले औद्योगिक शहर कानपुर की उस सबसे बड़ी और हाई-प्रोफाइल सीट पर, जहाँ एक ही नेता का नाम पिछले 33 सालों से जीत का पर्याय बना हुआ है— महाराजपुर विधानसभा (217) । उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले कानपुर नगर जिले की महाराजपुर विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 217) राज्य के सबसे महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक अंचलों में गिनी जाती है। चकेरी की चमड़ा इकाइयों, जाजमऊ के औद्योगिक संकुल, रूमा के टेक्सटाइल व तकनीकी क्लस्टरों और नवनिर्मित कानपुर एयरपोर्ट टर्मिनल को समेटे यह विधानसभा क्षेत्र आधुनिक औद्योगिक विस्तार और ऐतिहासिक गंगा कछार का एक अनूठा संगम है। 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई महाराजपुर सीट का चुनावी इतिहास एक ही नाम के इर्द-गिर्द घूमता रहा है—सतीश महाना। उत्तर प्रदेश विधानसभा के वर्त...