सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

ASP पार्ट 2: क्या 2027 में खत्म होगा मायावती का तिलिस्म? जानिए 30 आरक्षित सीटों पर चंद्रशेखर का असर, सपा से गठबंधन का पेंच व लाइव पोल

संसद में गूंजती आवाज, पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक नीले झंडे की धमक और बहुजन सियासत का नया शक्ति केंद्र: 2027 के दंगल में चंद्रशेखर आज़ाद नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के विशेष चुनावी मंच पर आपका स्वागत है। आज़ाद समाज पार्टी के भाग 1 (भीम आर्मी से नगीना की ऐतिहासिक जीत ) में हमने देखा कि कैसे चंद्रशेखर आज़ाद ने बिना किसी बड़े गठबंधन के 1.51 लाख वोटों की विशाल जीत दर्ज कर नगीना से संसद तक का सफर तय किया। आज इस भाग 2 (अंतिम भाग) में हम उन सवालों की पड़ताल करेंगे जो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 86 आरक्षित सीटों और राज्य की 21% दलित आबादी का रुख तय करेंगे: क्या चंद्रशेखर आज़ाद मायावती के पारंपरिक 'जाटव कोर वोट बैंक' को पूरी तरह अपने पाले में खींच पाएंगे? पश्चिमी और रुहेलखंड की वे 30 विधानसभा सीटें कौन सी हैं जहाँ आज़ाद समाज पार्टी (ASP) सीधे तौर पर जीत-हार तय करती है? 2027 में चंद्रशेखर का सियासी रास्ता क्या होगा—सपा-कांग्रेस (INDIA गठबंधन) के साथ तालमेल या पल्लवी पटेल-ओवैसी के साथ तीसरा मोर्चा? एक सांसद बनने के बाद आज़ाद समाज पार्टी के सामने कौन से बड़े ...