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🔥 MLC नतीजों से अखिलेश गदगद: क्या 2027 में चलेगा 'दो लड़कों' का मैजिक ?

वाराणसी और लखनऊ में लाल झंडा फहराने के बाद क्या 2027 में लखनऊ की गद्दी तक पहुंचेगी 'अखिलेश-राहुल' की जोड़ी? नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के चुनावी विश्लेषण मंच पर आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों के नतीजों ने 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात को पूरी तरह खोलकर रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी के सबसे मजबूत बौद्धिक किलों— राजधानी लखनऊ और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी खंड स्नातक —पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने जिस तरह से जीत दर्ज की है, उसने विपक्षी खेमे के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में जब अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले और राहुल गांधी के 'संविधान बचाओ' अभियान ने मिलकर उत्तर प्रदेश में 43 सीटें जीतकर भाजपा को 33 सीटों पर समेट दिया था, तब विरोधियों ने इसे 'लोकसभा का तात्कालिक माहौल' बताया था। लेकिन अब विधान परिषद के स्नातक चुनावों में राज्य के सबसे पढ़े-लिखे शहरी वर्ग द्वारा सपा के पक्ष में मतदान करने से यह साफ हो गया ...

👑 राजा भैया का चक्रव्यूह: 2027 में किसके साथ जाएंगे कुंडा के बाहुबली ?

कुंडा की भदरी रियासत से लखनऊ के गलियारों तक: जब 1 सीट का अंतर सरकार तय करे, तब राजा भैया का रुख क्यों बन जाता है सबसे बड़ा सिरदर्द? नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के विशेष चुनावी मंच पर आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के ताज़ा नतीजों में 6 बनाम 5 की कांटे की टक्कर के बाद यह साफ हो चुका है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की चाबी उन कद्दावर स्थानीय नेताओं के हाथ में होगी जो किसी भी लहर में अपनी सीट हारना तो दूर, अपने आसपास के दो-तीन जिलों का रुख मोड़ने की ताकत रखते हैं। और जब बात स्वतंत्र राजनीतिक वजूद और अपराजेय किले की आती है, तो प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट और वहाँ से लगातार सात बार के निर्दलीय/अपनी पार्टी से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ 'राजा भैया' का नाम सबसे ऊपर आता है। 1993 से अब तक कुंडा की सीट पर राजा भैया का एकछत्र राज कैसे कायम है? 2018 में बनी उनकी पार्टी 'जनसत्ता दल लोकतांत्रिक' का प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज और सुल्तानपुर की 15 सीटों पर कितना जमीनी असर है? राज्यसभा चुनाव 2024 में भाजपा को समर्थन देने के बाद क्या 20...