मगहर की पावन धरा संत कबीर नगर में 2027 का सियासी चक्रव्यूह: खलीलाबाद में ब्राह्मण-मुस्लिम तकरार, मेहदावल में निषाद दांव और धनघटा SC सीट पर घमासान! जानिए सर्वे
🎙️ पूर्वांचल ग्राउंड रिपोर्ट: सूफी संत कबीर की निर्वाण स्थली मघर, घाघरा-राप्ती का कटान और संत कबीर नगर की तीन सीटों का चुनावी समीकरण! महान सूफी संत कबीरदास की पावन तपोभूमि मघर, बखिरा पक्षी अभ्यारण्य और पीतल-बर्तन उद्योग के लिए मशहूर संत कबीर नगर (Sant Kabir Nagar) जिला पूर्वांचल की राजनीति में अपना खास वजूद रखता है। बस्ती मंडल का हिस्सा रहा यह जिला ब्राह्मण, मुस्लिम, निषाद/मल्लाह, यादव, वैश्य और दलित (जाटव/बेलदार) मतदाताओं के पेचीदा सामाजिक समीकरणों के लिए जाना जाता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में संत कबीर नगर जिले की तीनों सीटों पर रोचक परिणाम देखने को मिले थे। खलीलाबाद (313) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंकुर राज तिवारी ने परचम लहराया, मेहदावल (312) सीट निषाद पार्टी (BJP गठबंधन) के अनिल कुमार त्रिपाठी के पाले में गई, तो वहीं धनघटा आरक्षित (314) सीट पर भाजपा के गणेश चंद्र ने जीत दर्ज की थी। 2024 के लोकसभा चुनावों में पूरे पूर्वांचल बेल्ट में समाजवादी पार्टी के 'PDA' कार्ड के चले जादू और पीस पार्टी/बसपा के मुस्लिम वोटों में बिखराव के बाद अब 2027 की लड़ाई बेहद आक्रामक ...