नमस्कार दोस्तों ! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के स्पेशल चुनावी मंच पर आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं में अगर किसी एक सीट की चर्चा लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सबसे ज्यादा होती है, तो वो है प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट (246) । साल 1993 से लेकर आज तक, यानी पिछले 33 सालों से कुंडा की पहचान एक ही नाम से रही है— रघुराज प्रताप सिंह उर्फ 'राजा भैया' । चाहे प्रदेश में सपा की लहर रही हो, बसपा का सोशल इंजीनियरिंग का दौर हो या फिर 2017 और 2022 की प्रचंड मोदी-योगी लहर, कुंडा के चुनावी नतीजों पर कभी कोई असर नहीं पड़ा और राजा भैया लगातार निर्दलीय या अपनी पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) से जीतते आ रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कुंडा की सरजमीं पर विपक्षी लामबंदी, समाजवादी पार्टी की सीधी घेराबंदी और 2024 के लोकसभा नतीजों ने यहाँ के चुनावी समीकरणों को बेहद दिलचस्प मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। कुंडा का चुनावी इतिहास: 2012 से 2022 तक के आंकड़े और 2024 की लोकसभा लीड : - चुनाव वर्ष विजयी प्रत्याशी (दल) निकटतम प्रतिद्वंद्वी (दल) जीत का अंतर (मार्जिन) चुनावी विश्लेषण 2012 विधानस...