अपना दल का सियासी सफर: डॉ. सोनेलाल की कुर्मी क्रांति से अनुप्रिया पटेल के उभार तक, जानिए कैसे बना UP का तीसरा सबसे बड़ा दल ?
विंध्याचल की तलहटी, गंगा का कछार और 8% कुर्मी-पटेल मतों का संगठित स्वाभिमान: उत्तर प्रदेश के तीसरे सबसे बड़े दल की जमीनी हकीकत नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की क्षेत्रीय दल महा-श्रृंखला में आपका स्वागत है। सुभासपा (SBSP) और रालोद (RLD) के बाद आज हम उस राजनीतिक ताकत की पड़ताल कर रहे हैं जिसने उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) दोनों को पीछे छोड़ते हुए राज्य की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने का ऐतिहासिक गौरव हासिल किया— अपना दल (सोनेलाल) । पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बात साफ तौर पर कही जाती है: "जिस गठबंधन के साथ पटेल-कुर्मी मतों की लामबंदी खड़ी हो गई, बनारस से लेकर प्रयागराज और कानपुर देहात तक उसकी चुनावी नैया पार होना तय माना जाता है।" 1995 में बहुजन समाज पार्टी से बगावत करके डॉ. सोनेलाल पटेल द्वारा रोपे गए पौधे से लेकर आज केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में 12 विधायकों और 2 सांसदों वाली अनुशासित ताकत बनने तक, अपना दल ने उत्तर प्रदेश के चुनावी पटल पर कई ऐतिहासिक लड़ाइयां लड़ी हैं। आइए निष्पक्ष आंकड़ों, च...