रजा लाइब्रेरी की नक्काशी, जौहर यूनिवर्सिटी का विवाद और 45 साल का सियासी तिलिस्म: रामपुर सदर 2027 का महा-संग्राम आदाब और नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की 45 वीआईपी हॉट सीट महा-पड़ताल में आज हम पहुंचे हैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रूहेलखंड के उस सियासी दिल में, जिसका नाम सुनते ही नवाबों की विरासत और बाहुबली सियासत का अक्स उभर आता है— रामपुर सदर विधानसभा (37) । रामपुर सदर की राजनीति का एक ही पर्यायवाची रहा है— मोहम्मद आजम खान । 1980 से लेकर 2022 तक आजम खान इस सीट से 10 बार विधायक चुने गए। पार्टी चाहे जनता पार्टी रही हो, लोकदल या समाजवादी पार्टी, रामपुर सदर ने कभी आजम खान के सिवा किसी और का परचम नहीं लहराने दिया। लेकिन 2022 के बाद रामपुर की राजनीति में जो भूचाल आया, उसने उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया। कानूनी मुकदमों और सजा के बाद आजम खान की विधायकी गई। दिसंबर 2022 में हुए बहुचर्चित उपचुनाव में भाजपा के आकाश सक्सेना (हनी) ने सपा के आसिम रजा को 33,702 वोटों के भारी अंतर से हराकर 45 साल में पहली बार रामपुर सदर में कमल खिलाकर इतिहास रच दिया। 2024 ल...