बागपत की 3 सीटों पर 2027 का महासंग्राम: छपरौली से बड़ौत तक क्या रालोद-भाजपा गठबंधन का चलेगा जादू या विपक्ष पलटेगा बाज़ी? जानिए ग्राउंड रिपोर्ट और वोट करें !
🗳️ Baghpat Assembly Election 2027: चौधरी चरण सिंह की विरासत, हिंडन-यमुना का दोआब और जाट राजनीति का केंद्र! जानिए बागपत की 3 सीटों का पूरा गणित उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में स्थित बागपत (Baghpat) जिला केवल महाभारतकालीन इतिहास और हिंडन-यमुना नदियों की उपजाऊ भूमि के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय किसान राजनीति का सबसे अभेद्य किला माने जाने के लिए प्रसिद्ध है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रहे इस जिले की राजनीति का प्रभाव पूरे पश्चिमी यूपी और हरियाणा के किसान बेल्ट पर पड़ता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बागपत जिले की 3 सीटों— छपरौली (50), बड़ौत (51) और बागपत सदर (52) —पर बेहद करीबी और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले थे। 2027 के महासमर में रालोद (RLD) और भाजपा (BJP) के एनडीए गठबंधन के तहत एक साथ आने से यहाँ का राजनीतिक गणित पूरी तरह बदल चुका है। आइए, बागपत की तीनों सीटों के अंदरूनी जातीय समीकरण, 2012 से 2022 तक के आधिकारिक चुनावी आंकड़े और 2027 की संभावनाओं का गहराई से विश्लेषण करते हैं! 🌾 बागपत के मुख्य जमीनी मुद्दे (Ground Issues) गन्ना मूल्य भुगतान व मलकपुर ...