बड़हलगंज की सरयू तट से 'हाता' के सियासी रसूख तक: चिल्लूपार में ब्राह्मण सियासत की सबसे बड़ी लड़ाई नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की वीआईपी 45 हॉट सीट सीरीज में आज बात उत्तर प्रदेश की उस सबसे ऐतिहासिक सीट की, जहाँ से सूबे की बाहुबली सियासत और ब्राह्मण अस्मिता के कई अध्याय लिखे गए— गोरखपुर जिले की चिल्लूपार विधानसभा (328) । घाघरा (सरयू) नदी के तट पर बसे बड़हलगंज, गोला और चिल्लूपार क्षेत्र की पहचान दशकों तक पंडित हरिशंकर तिवारी के आवास यानी 'हाता' से रही। 1985 से लेकर लगातार 22 वर्षों तक हरिशंकर तिवारी ने जेल के अंदर और बाहर रहकर इस सीट पर निर्दलीय व विभिन्न दलों से राज किया। लेकिन 2007 में बसपा के टिकट पर राजेश त्रिपाठी ने हरिशंकर तिवारी को हराकर पहली बार 'हाता' के तिलिस्म को तोड़ा था। 2017 में हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी ने बसपा के टिकट पर सीट वापस हासिल की। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में जब विनय शंकर तिवारी सपा में गए और राजेश त्रिपाठी भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे, तो राजेश त्रिपाठी ने 21,645 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर एक बार...