🗳️ बांसडीह विधानसभा : क्या केतकी सिंह बचा पाएंगी भाजपा का गढ़ या रामगोविंद चौधरी लेंगे 2022 की हार का बदला ?
घाघरा की लहरों और बागी तेवरों के बीच बांसडीह का सियासी संग्राम: 2027 में बदलेगा मिजाज या दोहराएगा इतिहास ? नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की 45 वीआईपी सीटों की पड़ताल में आज बात 'बागी बलिया' की उस विधानसभा सीट की, जहाँ की सियासी हवा पूरे पूर्वांचल की राजनीति की दिशा तय करती है— बांसडीह विधानसभा (362) । घाघरा (सरयू) नदी के तट पर फैली यह सीट समाजवादी आंदोलन की सबसे उर्वर जमीनों में से एक रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके और समाजवादी पार्टी के कद्दावर चेहरे रामगोविंद चौधरी यहाँ से लगातार जीतते रहे थे। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तेजतर्रार महिला नेत्री केतकी सिंह ने रामगोविंद चौधरी के राजनीतिक दुर्ग को ढहा दिया और 21,352 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 2024 के लोकसभा चुनाव में सलेमपुर संसदीय क्षेत्र (जिसमें बांसडीह आता है) में समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल कर इस इलाके में अपनी मजबूत वापसी के संकेत दिए हैं। क्या 2027 के चुनाव में रामगोविंद चौधरी अपनी पुरानी हार का बदला ले पाएंगे, या केतकी सिंह की जमीनी सक्रियता ...