📍 1. लखीमपुर खीरी का सियासी मिजाज: गन्ने की मिठास और तराई में 2027 का घमासान नमस्कार मित्रो , नेपाल सीमा से सटा लखीमपुर खीरी जिला प्रदेश का सबसे बड़ा जिला होने के साथ-साथ राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। कुर्मी (वर्मा), ब्राह्मण, सिख, मुस्लिम, यादव, राजपूत और दलित (गौतम/पासी) मतदाताओं का बड़ा समूह यहाँ का चुनावी नतीजा तय करता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र 'टेनी' का राजनीतिक असर, सपा के उत्कर्ष वर्मा का युवाओं में जनाधार और दिवंगत विधायक अरविंद गिरि की विरासत संभाले अमन गिरि के प्रभाव के बीच 2027 का UP Election 2027 यहाँ ऐतिहासिक जंग बनने जा रहा है। मुख्य ज़मीनी मुद्दे: चीनी मिलों द्वारा गन्ने का समय पर भुगतान, आवारा/छुट्टा पशुओं से फसलों की तबाही, शारदा और घाघरा नदी की विनाशकारी बाढ़, मानव-वन्यजीव (बाघ/हाथी) संघर्ष और तराई की बदहाल सड़कें। 2022 का फ्लैशबैक: 2022 के विधानसभा चुनाव में तमाम सियासी विवादों और किसान आंदोलनों के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने लखीमपुर खीरी जिले की सभी 8 की 8 सीटों पर क्लीन स्वीप करके एकतरफा जीत हासिल की थी। 🏛️ 2. लखीमपुर खी...