बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार जालौन में 2027 की बिसात: कालपी में निषाद-मुस्लिम दांव, माधोगढ़ का क्षत्रिय-ब्राह्मण गणित और उरई SC सीट पर घमासान! जानिए सर्वे !
🎙️ चौपाल एनालिसिस: ऐतिहासिक कालपी का किला, पचनद का संगम और जालौन जिले की तीन सीटों पर 2027 का सियासी समर! बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार माना जाने वाला जालौन (Jalaun) जिला न केवल झांसी मंडल की राजनीति की धुरी है, बल्कि महर्षि वेदव्यास की जन्मभूमि कालपी और ऐतिहासिक पचनद (पाँच नदियों के संगम) के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। बीहड़ और कछारी इलाकों से घिरे जालौन जिले का राजनीतिक मिजाज हमेशा से क्षत्रिय, ब्राह्मण, निषाद/मल्लाह, कुर्मियों (सचान/चौधरी), पाल/बघेल और दलित (जाटव/कोरी) वोट बैंक के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जालौन जिले की 3 सीटों पर बेहद दिलचस्प जंग देखने को मिली थी। माधोगढ़ (219) और उरई आरक्षित (221) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल की थी, जबकि ऐतिहासिक सीट कालपी (220) पर समाजवादी पार्टी (SP) के विनोद चतुर्वेदी ने परचम फहराया था। 2024 के लोकसभा चुनावों में बुंदेलखंड में 'PDA' समीकरण की गूंज के बाद अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जालौन की चौपालों पर चुनावी चर्चाओं का पारा हाई हो चुका है। आइए, तीनों सीटों का निष्पक...