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21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले गई पुलिस, क्या ये सही है ?

दोस्तों, जंतर-मंतर से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे दिल को झकझोर देने वाली हैं। लद्दाख के मशहूर समाजसेवी सोनम वांगचुक पिछले तीन हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मांग सिर्फ इतनी थी कि देश में बार-बार जो पेपर लीक हो रहे हैं, नीट (NEET) की धांधली हो रही है और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, उस पर केंद्र सरकार जवाब दे। लेकिन अब उन्हें जबरन एम्स/अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। एक तरफ हमारे बच्चे दिन-रात 18 घंटे पढ़ाई करके परीक्षा देते हैं और दूसरी तरफ पेपर लीक करने वाले माफिया मजे मारते हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो चुकी है। आप बताइए, क्या देश के बच्चों के भविष्य के लिए आवाज उठाना गलत है? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting):  Super Survey Maker Super Survey दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || !! जय हिन्द !! सत्ता से संघर्ष नही समाधान चाहिए !! जय हिन्द !! 

NTA को तुरंत बंद करो! क्या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अब देश के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है?

जब से NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) का गठन हुआ है, शायद ही कोई ऐसा साल बीता हो जब किसी परीक्षा पर सवाल न उठे हों। NEET, CUET, UGC-NET—हर परीक्षा का एक ही हश्र होता है: सेंटर पर गड़बड़ी, ग्रेस मार्क्स का खेल और पर्चा लीक। लाखों छात्रों की जिंदगी का सवाल है। डॉक्टर बनने जा रहे बच्चों के अगर पर्चे बिकेंगे, तो कल देश को कैसे डॉक्टर मिलेंगे? क्या अब समय आ गया है कि NTA को भंग करके पुरानी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को वापस लाया जाए ?क्या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बंद कर देना चाहिए ? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting): Super Survey Maker Super Survey दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || जय हिन्द !!

पेन उठाने वाला हाथ जब बटन दबाएगा! क्या 2026-2027 के चुनावों में छात्र और युवा सरकार पलट देंगे ?

छात्र आंदोलन और चुनाव पर असर ! अब तक नेता सोचते थे कि युवा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम या जाति के नाम पर वोट दे देता है। लेकिन जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। देश में लगभग 35 से 40 करोड़ युवा मतदाता हैं। अगर ये युवा अपनी जाति और धर्म को भूलकर सिर्फ 'शिक्षा और रोजगार' के नाम पर एकजुट हो गए, तो दिल्ली से लेकर राज्यों की सत्ता हिल जाएगी। छात्र आंदोलन और चुनाव पर असर क्या ये देखने को मिलेगा ? सोनम वांगचुक और CJP के आंदोलन ने युवाओं को एक धागे में पिरोने का काम किया है। क्या आपको लगता है कि आने वाले चुनावों में युवा अपनी पढ़ाई और पेपर लीक का बदला वोट की चोट से लेंगे? शिक्षा और रोजगार पर युवा मतदान का प्रभाव क्या होगा ? 🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting):--- Super Survey Super Survey Maker दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे | हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है  || !! जय हिन्द !! सत्ता से संघर्ष नही समाधान चाहिए !! जय हिन्द !!