करहल का सियासी अखाड़ा: समाजवाद की राजधानी, शाक्य-यादव धुरी और 2027 की जमीनी जंग नमस्कार साथियों! बिंदास पोल ( Bindaas Poll ) के चुनावी चौपाल में आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट (110) को समाजवादी पार्टी का सबसे मजबूत और अभेद्य किला माना जाता है। नेताजी मुलायम सिंह यादव के दौर से लेकर आज तक, यह वह सीट रही है जहाँ भाजपा की प्रचंड लहरों के बावजूद लाल टोपी का परचम लहराता रहा है। 2022 के आम चुनाव में खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यहाँ से रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। बाद में सांसद बनने के बाद जब यह सीट खाली हुई, तो 2024 के उपचुनाव में सपा के तेज प्रताप सिंह यादव ने भाजपा के अनुजेश प्रताप सिंह यादव को हराकर इस किले पर अपनी पकड़ को दोबारा साबित किया। लेकिन क्या 2027 के महा-दंगल में भाजपा अपनी सोशल इंजीनियरिंग और शाक्य-सवर्ण-दलित गठबंधन के जरिए करहल के इस तिलिस्म को तोड़ने में कामयाब होगी? आइए, करहल की नब्ज को पिछले चुनावों के आंकड़ों और स्थानीय समीकरणों के जरिए समझते हैं। करहल का चुनावी रिपोर्ट कार्ड: 2012 से 2022 तक के आंकड़े और 2024 का उपचु...