📌 जौनपुर जिले का राजनैतिक मिजाज और जमीनी समीकरण दोस्तों, हमारे पूर्वांचल की राजनीति में 'जौनपुर' जिला सत्ता का वो तराजू है, जो पल भर में किसी भी पार्टी का पलड़ा भारी या हल्का कर सकता है। बाहुबल, कड़क जातीय लामबंदी और आखरी वक्त में पलटने वाले वोट बैंक के लिए मशहूर जौनपुर में यादव, मुस्लिम, मौर्य, ब्राह्मण, ठाकुर और दलित मतदाताओं का एक ऐसा चक्रव्यूह है, जिसे भेदना किसी भी दल के लिए आसान नहीं होता। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ का मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा था। जिले की 9 सीटों में से समाजवादी पार्टी (SP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 सीटों पर कब्जा किया था, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 3 सीटें जीती थीं। वहीं भाजपा की सहयोगी अपना दल (S) और सपा की तत्कालीन सहयोगी सुभासपा (SBSP) के खाते में 1-1 सीट गई थी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में जौनपुर और मछलीशहर दोनों सीटों पर सपा-कांग्रेस गठबंधन ने बाजी मारकर समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। जौनपुर का इत्र और धागा उद्योग, गोमती नदी पर पुलों का निर्माण, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था यहाँ के सबसे बड़े जमीनी चुनावी मुद्दे हैं। आइए, सभी 9 विध...