लखनऊ पश्चिम चुनाव 2027: क्या 'डायल 100' वाले अरमान खान बचा पाएंगे सपा का किला या भाजपा करेगी वापसी ?
चौक की गलियां, चिकनकारी के धागे और चाय की चुस्कियों पर चुनावी बहस: लखनऊ पश्चिम का 2027 में क्या है मिजाज ? नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) की 45 वीआईपी सीटों की जमीनी पड़ताल में आज हम पहुंचे हैं नवाबों के शहर की उस सीट पर, जहाँ की आबोहवा में आज भी तहजीब, पतंगबाजी और गंजिंग की महक घुली है, लेकिन सियासत में मुकाबला हमेशा 440 वोल्ट का रहता है— लखनऊ पश्चिम विधानसभा (171) । रूमी दरवाजा, बड़ा इमामबाड़ा, घंटाघर, चौक का सराफा बाजार, नक्खास, राजाजीपुरम और दुबग्गा के नए इलाकों को अपने दामन में समेटे यह विधानसभा सीट कभी दिग्गज भाजपा नेता लालजी टंडन का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। 1996 से लेकर 2007 तक लालजी टंडन ने यहाँ से लगातार जीत दर्ज कर भाजपा का परचम लहराया। लेकिन 2012 के परिसीमन के बाद जब मुस्लिम और पिछड़े मतदाताओं का दायरा बढ़ा, तो यह सीट भाजपा और सपा के बीच प्रदेश की सबसे कांटेदार जंग का मैदान बन गई। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ सांसें थाम देने वाला मुकाबला हुआ था। भाजपा के मौजूदा विधायक सुरेश श्रीवास्तव के निधन के बाद पार्टी ने नए चेहरे अंजनी श्रीवास्तव को मैदान में उतार...