📌 अयोध्या (Faizabad) जिले का राजनैतिक मिजाज और जमीनी समीकरण राम नगरी अयोध्या उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा उपरिकेंद्र कहे जाने वाले अयोध्या (फैजाबाद) जिले पर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहती हैं। सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से देश की आत्मा माने जाने वाले इस जिले की चुनावी बिसात जितनी पवित्र है, उतनी ही राजनैतिक रूप से जटिल भी है। अयोध्या जिले के भीतर मुख्य रूप से ब्राह्मण, यादव, पासी (दलित), मुस्लिम, कुर्मी (वर्मा) और मौर्य मतदाताओं का एक ऐसा ताना-बाना है, जो हर चुनाव में बड़े-बड़े राजनैतिक पंडितों के सारे गणित फेल कर देता है। राम मंदिर के भव्य निर्माण और अयोध्या के चौमुखी वैश्विक विकास के बाद यह माना जा रहा था कि यहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हिला पाना नामुमकिन होगा, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव ने भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे बड़ा उलटफेर दर्ज किया। फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (SP) के अवधेश प्रसाद (एक कद्दावर दलित पासी नेता) ने भाजपा के दो बार के मौजूदा सांसद लल्लू सिंह को एक बेहद कड़े मुकाबले में शिकस्त देकर सनसनी फैला दी...