🎙️ चौपाल स्पेशल: चंबल-यमुना के कछार, सैफई परिवार की सियासी धुरी और इटावा की तीन सीटों पर 2027 की बिसात! उत्तर प्रदेश की राजनीति में इटावा (Etawah) केवल एक जिला नहीं, बल्कि समाजवाद का गढ़ और देश-प्रदेश की राजनीति को दिशा देने वाले सैफई परिवार की जन्मभूमि व कर्मभूमि है। चंबल, यमुना और सेंगर नदियों के संगम पर बसा इटावा दशकों से राज्य की सबसे चर्चित और राजनीतिक रूप से जागरूक पट्टियों में शुमार रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में इटावा जिले की 3 सीटों पर जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला था। जसवंतनगर (199) सीट पर सपा के दिग्गज नेता शिवपाल सिंह यादव ने रिकॉर्ड अंतर से परचम लहराया था, वहीं भरथना सुरक्षित (201) सीट पर भी समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। जबकि इटावा सदर (200) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरिता भदौरिया ने बेहद करीबी मुकाबले में कमल खिलाया था। 2027 के विधानसभा चुनाव के करीब आते ही इटावा के चाय के ढाबों और चौपालों पर चुनावी सरगर्मी उफान पर है। क्या सपा यहाँ 3-0 का क्लीन स्वीप करेगी या भाजपा सदर बचाकर भरथना में वापसी करेगी? आइए, ग्राउंड ज़ीरो से देखते हैं पूरा चुनावी ल...