📌 गोरखपुर जिले का राजनैतिक मिजाज और जमीनी समीकरण उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा और सबसे हाई-प्रोफाइल उपरिकेंद्र 'गोरखपुर' सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि सत्ता का मुख्य पावर हाउस है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र होने के कारण इस जिले की एक-एक राजनैतिक हलचल पर पूरे देश की नजरें टिकी रहती हैं। गोरखपुर जिले का चुनावी ताना-बाना जितना धार्मिक रूप से लामबंद है, उतना ही सामाजिक रूप से पेचीदा भी है। यहाँ मुख्य रूप से ठाकुर (राजपूत), ब्राह्मण, निषाद, यादव, दलित और मुस्लिम मतदाताओं का एक ऐसा समीकरण है, जो हर चुनाव में नई कहानी लिखता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद गोरखपुर शहर सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी और उनके नेतृत्व में भाजपा गठबंधन ने जिले की 9 में से 7 सीटों पर भगवा लहराया था। हालांकि, समाजवादी पार्टी (SP) ने भी कड़ी घेराबंदी करते हुए 2 महत्वपूर्ण सीटें (चिल्लूपार और गोरखपुर ग्रामीण) अपने पाले में कर ली थीं। 2027 का यह विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अपने इस सबसे मजबूत गढ़ में 9-0 की क्लीन स्वीप करने की बड़ी चुनौती है, तो समाजवादी...