इत्र नगरी कन्नौज में 2027 की नई सियासी गंध: सदर में असीम अरुण की अग्निपरीक्षा ! जानिए पूरी रिपोर्ट !
इत्र की खुशबू, कोल्ड स्टोरेज का दर्द और समाजवादियों के पुराने गढ़ में 2027 का नया चक्रव्यूह ! विश्वभर में अपनी प्राकृतिक इत्र (Perfume Industry) के लिए 'इत्र नगरी' के नाम से मशहूर कन्नौज (Kannauj) सिर्फ इत्र की सुगंध ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की कद्दावर सियासत की सुगंध भी तय करता है। समाजवादियों का अभेद्य किला माना जाने वाला कन्नौज 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राजनीतिक समीकरणों के सामने बदला-बदला नजर आया। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीनों सीटों— छिबरामऊ (196) , तिरवा (197) और कन्नौज आरक्षित (198) पर भाजपा ने परचम फहराया था। हालांकि, तीनों सीटों पर हार-जीत का अंतर बेहद मामूली था। 2024 के लोकसभा चुनावों में अखिलेश यादव की बड़ी वापसी के बाद अब 2027 का विधानसभा चुनाव यहाँ बेहद आक्रामक मोड़ ले चुका है। 📍 कन्नौज की ग्राउंड रिपोर्ट: 3 स्थानीय मुद्दे जो वोट तय करेंगे इत्र उद्योग व एमएसएमई क्लस्टर प्रोत्साहन: कन्नौज के पारंपरिक इत्र उद्योग को आधुनिक कोल्ड-प्रेस टेक्नोलॉजी, अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग और ग्लोबल एक्सपोर्ट सेंटर की दरकार है। ...