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यमुना-बेतवा के दोआबे में किसकी लगेगी नैया पार ? जानिए हमीरपुर का मिजाज !

🎙️ 1. ग्राउंड रिपोर्टर की डायरी से: हमीरपुर की राजनीतिक हवा और ज़मीनी हकीकत यमुना और बेतवा नदियों के संगम के मुहाने पर बसा हमीरपुर जिला बुंदेलखंड के सबसे गतिशील राजनीतिक क्षेत्रों में से एक है। 2 विधानसभा क्षेत्रों— हमीरपुर (228) और राठ (229) वाले इस जिले में निषाद/मल्लाह, प्रजापति/ओबीसी, लोधी, यादव, सवर्ण (ब्राह्मण/ठाकुर), और अनुसूचित जाति (अनुरागी/कोरी/अहिरवार) का ताना-बाना चुनावी बाजी तय करता है। यह जिला हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी लोकसभा क्षेत्र का दिल कहलाता है। 📌 हमीरपुर की 4 सबसे मुख्य कसौटियां (Key Ground Reality): यमुना-बेतवा के पुल व बाढ़ का दंश: मानसून के समय दोनों नदियों के जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट जाता है। पक्के तटबंधों और सुचारू आवागमन की मांग सालों पुरानी है। बालू/मौरंग खनन व मलबे का मुद्दा: हमीरपुर का मौरंग (बालू) व्यापार पूरे यूपी में प्रसिद्ध है। लेकिन एनजीटी के कसते नियमों और पट्टों के विवाद से स्थानीय नाव चालकों और मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित होती है। राठ क्षेत्र का ऐतिहासिक कपड़ा व व्यापार संकट: राठ कस्बा बुंदेलखंड का बड़ा व्यापारिक केंद्र...