🎙️ ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट: एटा के ऐतिहासिक घंटे और घुंघरू उद्योग का सच, लोध-यादव सियासत की धुरी और 4 विधानसभा सीटों पर 2027 का चक्रव्यूह!
अपने पीतल के घड़ियाल (घंटे), हस्तशिल्प घुंघरू उद्योग और बाबूजी कल्याण सिंह के दौर से लोध-शाक्य राजनीति का गढ़ माने जाने वाले एटा (Etah) जिले का राजनीतिक इतिहास बेहद समृद्ध और आक्रामक रहा है। अलीगढ़ मंडल का हिस्सा रहा यह जिला यादव, लोध-राजपूत, शाक्य/मौर्य, राजपूत (ठाकुर), मुस्लिम, ब्राह्मण और दलित (जाटव/अति-दलित) समुदायों के जटिल सामाजिक ताने-बाने पर टिका हुआ है।
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एटा जिले की चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल कर 'क्लीन स्वीप' किया था। एटा सदर (104) सीट पर विपिन कुमार डेविड, अलीगंज (103) सीट पर सत्यपाल सिंह राठौर, मारहरा (105) सीट पर वीरेंद्र वर्मा और जलेसर सुरक्षित (106) सीट पर संजीव कुमार दिवाकर ने कमल खिलाया था।
हालांकि 2024 के लोकसभा नतीजों में एटा सीट पर समाजवादी पार्टी के देवेश शाक्य की जीत ने यहाँ की राजनीति के समीकरण पूरी तरह पलट दिए हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव के करीब आते ही चौपालों पर चर्चा तेज है कि क्या भाजपा अपनी चारों सीटें बचा पाएगी या सपा का 'PDA' कार्ड 2022 की हार का हिसाब चुकता करेगा? आइए, चारों सीटों की बेबाक ज़मीनी एक्स-रे रिपोर्ट देखते हैं।
🚨 एटा की चौपालों से उठे 3 सबसे सुलगते मुद्दे
पीतल, घंटे व घुंघरू कुटीर उद्योग प्रोत्साहन: एटा के विश्वप्रसिद्ध पीतल बर्तन व घुंघरू कारीगरों को जीएसटी दर में राहत, रियायती बिजली व स्पेशल एक्सपोर्ट क्लस्टर की दरकार।
आलू-तंबाकू किसानों को कोल्ड स्टोरेज व समर्थन मूल्य: एटा-मारहरा-अलीगंज बेल्ट के आलू और तंबाकू उत्पादक किसानों को समय पर खरीद, कोल्ड स्टोरेज भाड़े में सब्सिडी और प्राकृतिक आपदा का स्थायी मुआवजा।
शहर जलभराव, ईसोन नदी पुनरुद्धार व बाईपास सुविधा: एटा शहर में बरसात के दौरान जलभराव से मुक्ति, ऐतिहासिक ईसोन नदी की सफाई व ओवरब्रिज-बाईपास निर्माण।
🗳️ जनमत पोल 1: एटा जिले के मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा कौन सा है?
📌 एटा जिले की चारों विधानसभा सीटों का इन-डेप्थ पॉलिटिकल एनालिसिस
1️⃣ 104- एटा सदर विधानसभा (Etah Sadar Assembly)
जातीय समीकरण: लोध, यादव, शाक्य, वैश्य, ब्राह्मण, मुस्लिम और जाटव समुदाय।
2022 का जनादेश: भाजपा के विपिन कुमार डेविड ने 97,539 वोट पाकर सपा के जुगेंद्र सिंह यादव (80,292 वोट) को 17,247 वोटों से हराया था।
2027 की बिसात: सदर सीट पर लोध और वैश्य-ब्राह्मण वोट भाजपा का किला मजबूत करते हैं, लेकिन सपा यादव-शाक्य-मुस्लिम वोटों को एकजुट कर इस सीट को वापस पाने की हरसंभव कोशिश कर रही है।
📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
2022: विपिन कुमार डेविड (BJP) - 97,539 वोट | जुगेंद्र सिंह यादव (SP) - 80,292 वोट
2017: विपिन कुमार डेविड (BJP) - 82,516 वोट | जुगेंद्र सिंह यादव (SP) - 61,387 वोट
2012: आशीष कुमार यादव (SP) - 39,282 वोट | गजेंद्र सिंह बबलू (BSP) - 36,038 वोट
2️⃣ 103- अलीगंज विधानसभा (Aliganj Assembly)
जातीय समीकरण: शाक्य, यादव, राजपूत (ठाकुर), मुस्लिम, लोध और दलित मतदाता।
2022 का जनादेश: भाजपा के सत्यपाल सिंह राठौर ने सपा के रामेश्वर सिंह यादव को कड़े मुकाबले में पराजित किया था।
2027 की बिसात: अलीगंज में शाक्य और यादव वोटरों का वर्चस्व है। 2024 लोकसभा में शाक्य उम्मीदवार की जीत के बाद सपा का हौसला बुलंद है, जबकि भाजपा राजपूत-लोध-शाक्य वोटों की गोलबंदी पर टिकी है।
📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
2022: सत्यपाल सिंह राठौर (BJP) - विजयी | रामेश्वर सिंह यादव (SP) - उपविजेता
2017: सत्यपाल सिंह राठौर (BJP) - 88,888 वोट | रामेश्वर सिंह यादव (SP) - 74,484 वोट
2012: रामेश्वर सिंह यादव (SP) - 80,396 वोट | संघप्रिय शाक्य (BSP) - 52,658 वोट
3️⃣ 105- मारहरा विधानसभा (Marhara Assembly)
जातीय समीकरण: यादव, लोध, राजपूत, शाक्य, मुस्लिम और दलित मतदाता।
2022 का जनादेश: भाजपा के वीरेंद्र वर्मा ने सपा के अमित गौरव 'टीटू' को पराजित कर अपनी सीट बरकरार रखी थी।
2027 की बिसात: मारहरा में लोध-राजपूत और यादव आमने-सामने होते हैं। सपा यहाँ अपने पारंपरिक यादव-मुस्लिम वोट बैंक के साथ अति-पिछड़ों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
2022: वीरेंद्र वर्मा (BJP) - विजयी | अमित गौरव 'टीटू' (SP) - उपविजेता
2017: वीरेंद्र वर्मा (BJP) - 82,538 वोट | अमित गौरव 'टीटू' (SP) - 65,302 वोट
2012: अमित गौरव 'टीटू' (SP) - 66,220 वोट | वीरेंद्र वर्मा (BJP) - 38,061 वोट
4️⃣ 106- जलेसर सुरक्षित विधानसभा (Jalesar SC Assembly)
जातीय समीकरण: आरक्षित सीट जहाँ जाटव, वाल्मीकि (दलित) के साथ-साथ यादव, शाक्य, राजपूत और मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में हैं।
2022 का जनादेश: भाजपा के संजीव कुमार दिवाकर ने सपा के रणजीत सुमन को हराया था।
2027 की बिसात: पीतल उद्योग का केंद्र माने जाने वाले जलेसर में गैर-जाटव दलित व सवर्ण-ओबीसी वोट बैंक भाजपा का मुख्य स्तंभ है, जबकि सपा दलित-यादव 'PDA' गठजोड़ के जरिए पलड़ा भारी करने के प्रयास में है।
📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
2022: संजीव कुमार दिवाकर (BJP) - विजयी | रणजीत सुमन (SP) - उपविजेता
2017: संजीव कुमार दिवाकर (BJP) - 83,864 वोट | रणजीत सुमन (SP) - 64,570 वोट
2012: रणजीत सुमन (SP) - 60,344 वोट | कुंवरपाल सिंह (BSP) - 48,016 वोट
🗳️ जनमत पोल 2: 2027 में 'PDA' बनाम 'NDA' का पलड़ा एटा में कहाँ भारी?
एटा की चारों सीटों पर सामाजिक समीकरणों की जंग में कौन आगे दिख रहा है ?🎙️ अलीगढ़ मंडल के वरिष्ठ पत्रकार का बेबाक मत
"एटा जिला दशकों से लोध-यादव राजनीति की मुख्य प्रयोगशाला रहा है। 2022 में भाजपा ने चारों सीटों पर परचम फहराया था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद अलीगंज और मारहरा में सपा का 'PDA' कार्ड काफी मजबूत हुआ है। 2027 में लोध और शाक्य बिरादरी का एकमुश्त झुकाव ही तय करेगा कि एटा में कमल खिलेगा या साइकिल दौड़ेगी।"
📊 1. एटा जिला: विधानसभा सीटवार विजेता पार्टी (2007 - 2022)
| क्र. सं. | विधानसभा सीट का नाम | 2007 के विजेता | 2012 के विजेता | 2017 के विजेता | 2022 के विजेता |
| 1 | 103 - अलीगंज (Aliganj) | अवधपाल सिंह यादव (BSP) | रामेश्वर सिंह यादव (SP) | सत्यपाल सिंह राठौर (BJP) | सत्यपाल सिंह राठौर (BJP) |
| 2 | 104 - एटा सदर (Etah Sadar) | प्रजापालन (BJP) | आशीष कुमार यादव (SP) | विपिन कुमार डेविड (BJP) | विपिन कुमार डेविड (BJP) |
| 3 | 105 - मारहरा (Marhara) | सूरज सिंह (SP) (सकीत सीट) | अमित गौरव 'टीटू' (SP) | वीरेंद्र सिंह लोधी (BJP) | वीरेंद्र सिंह लोधी (BJP) |
| 4 | 106 - जलेसर सुरक्षित (Jalesar SC) | कुबेर सिंह (BJP) | रणजीत सुमन (SP) | संजीव कुमार दिवाकर (BJP) | संजीव कुमार दिवाकर (BJP) |
(नोट: 2008 के परिसीमन से पहले मारहरा सीट अस्तित्व में नहीं थी, उस क्षेत्र में सकीत और निधौली कलां सीटें आती थीं, जहाँ 2007 में सपा ने जीत दर्ज की थी।)
📈 2. एटा जिला: पार्टीवार कुल सीटे ---
| राजनीतिक पार्टी | 2007 चुनाव (वर्तमान क्षेत्र) | 2012 चुनाव | 2017 चुनाव | 2022 चुनाव |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 2 | 0 | 4 | 4 |
| समाजवादी पार्टी (SP) | 1 | 4 | 0 | 0 |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | 1 | 0 | 0 | 0 |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | 0 | 0 | 0 | 0 |
| कुल सीटें | 4 | 4 | 4 | 4 |
📌 मुख्य राजनीतिक निष्कर्ष:
2007 का चुनाव: एटा जिले के वर्तमान क्षेत्र में भाजपा ने 2 (एटा सदर, जलेसर), बीएसपी ने 1 (अलीगंज) और सपा ने 1 सीट (सकीत/मारहरा क्षेत्र) जीती थी।
2012 का चुनाव: समाजवादी पार्टी (SP) ने ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए एटा जिले की सभी 4 की 4 सीटों पर कब्ज़ा (Clean Sweep) किया था।
2017 का चुनाव: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ज़बरदस्त वापसी की और जिले की सभी 4 सीटों पर परचम लहराया।
2022 का चुनाव: भाजपा ने 2017 का इतिहास दोहराते हुए फिर से एटा की सभी 4 सीटों पर क्लीन स्वीप (4-0) किया।
📝 निष्पक्ष निष्कर्ष (Final Takeaway)
एटा जिले में 2027 का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए अपना '4-0' का किला बचाने और समाजवादी पार्टी के लिए अपनी पुरानी विरासत वापस हासिल करने की सीधी साख की जंग है। जनता का फैसला ही 2027 का नया अध्याय लिखेगा।
🔗 इन्हें भी पढ़ें (Internal Links):
🔗
संभल जिले की 4 सीटों का 2027 ताज़ा जनमत पोल और ग्राउंड रिपोर्ट... 🔗
कासगंज जिले की 3 सीटों का निष्पक्ष राजनीतिक विश्लेषण व सर्वे...
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