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संभल चक्रव्यूह: संभल-असमोली में सपा का दुर्ग, गुन्नौर में यादव-लोध संग्राम और चंदौसी में भाजपा की परीक्षा !


Sambhal District UP Assembly Election 2027 Ground Opinion Survey Map 4 Seats Sambhal Asmoli Gunnaur Chandausi SC

🎙️ ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन: ऐतिहासिक कल्कि धाम की धरा, मेंथा-सब्जी किसानों की टीस और संभल जिले की 4 विधानसभा सीटों पर 2027 का सियासी महासंग्राम!

ऐतिहासिक तीर्थ सोरों-कल्कि क्षेत्र की पहचान, मेंथा (पेपरमिंट) और हस्तशिल्प (हॉर्न-बोन इंडस्ट्री) का केंद्र संभल (Sambhal) जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे गरम और संवेदनशील केंद्र माना जाता है। मुरादाबाद मंडल के तहत आने वाला संभल जिला मुस्लिम, यादव, लोध-राजपूत, सैनी (ओबीसी), सवर्ण (ब्राह्मण-वैश्य) और दलित (जाटव) समुदायों के अनूठे व बेहद कड़े सामाजिक गठजोड़ के लिए जाना जाता है।

2022 के विधानसभा चुनाव में संभल जिले की 4 सीटों पर जबरदस्त राजनीतिक ध्रुवीकरण देखने को मिला था। संभल सदर (33) सीट पर सपा के वयोवृद्ध नेता इकबाल महमूद, असमोली (32) सीट पर सपा की पिंक यादव और गुन्नौर (111) सीट पर सपा के रामखिलाड़ी सिंह यादव ने जीत दर्ज कर समाजवादियों का परचम लहराया था। वहीं, चंदौसी सुरक्षित (31) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी ने प्रचंड जीत हासिल कर पार्टी की साख बचाई थी।

2024 के लोकसभा चुनावों में संभल से सपा की बड़ी जीत और पश्चिमी यूपी में बदले समीकरणों के बाद अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संभल की चौपालों का राजनीतिक तापमान चढ़ चुका है। क्या सपा यहाँ 4-0 का सपना पूरा करेगी या भाजपा-रालोद (NDA) गठबंधन गुन्नौर और असमोली में बाज़ी पलटेगा? आइए, चारों सीटों की निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्ट देखते हैं।

🚨 संभल की चौपालों से उठे 3 सबसे सुलगते मुद्दे

  • मेंथा व आलू किसानों को प्रोसेसिंग यूनिट व न्यूनतम मूल्य: संभल विश्व स्तर पर मेंथा तेल का उत्पादन करता है। मेंथा और आलू उत्पादकों को सरकारी प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज भाड़े में छूट और सही मंडी भाव न मिलना।

  • हॉर्न-बोन (सींग-हड्डी) व हस्तशिल्प उद्योग को सरकारी मदद: संभल के पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग को एक्सपोर्ट क्लस्टर, बिजली सब्सिडी और जीएसटी में राहत की लंबे समय से मांग है।

  • सड़क कनेक्टिविटी, ड्रेनेज व ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र: संभल-गजरौला-मुरादाबाद मार्ग का चौड़ीकरण, चंदौसी शहर की जलभराव समस्या और देहाती इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती।

🗳️ जनमत पोल 1: संभल जिले के मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा कौन सा है?

📌 संभल जिले की चारों विधानसभा सीटों का इन-डेप्थ पॉलिटिकल एनालिसिस

1️⃣ 33- संभल सदर विधानसभा (Sambhal Sadar Assembly)

  • जातीय समीकरण: मुस्लिम (लगभग 70%), सैनी, तुर्क, वैश्य, दलित और यादव समुदाय।

  • 2022 का जनादेश: सपा के वरिष्ठ नेता इकबाल महमूद ने 1,07,073 वोट पाकर भाजपा के राजेश सिंघल (65,376 वोट) को 41,697 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।

  • 2027 की बिसात: संभल सदर सीट सपा का अभेद्य किला मानी जाती है जहाँ इकबाल महमूद लगातार जीतते आ रहे हैं। यहाँ मुख्य मुकाबला सपा और एआईएमआईएम/बसपा द्वारा मुस्लिम वोटों में सेंधमारी और भाजपा के हिंदू ध्रुवीकरण प्रयासों के इर्द-गिर्द घूमता है।

📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
  • 2022: इकबाल महमूद (SP) - 1,07,073 वोट | राजेश सिंघल (BJP) - 65,376 वोट | शकील अहमद (BSP) - 44,443 वोट

  • 2017: इकबाल महमूद (SP) - 79,248 वोट | डॉ. अरविंद गुप्ता (BJP) - 59,976 वोट

  • 2012: इकबाल महमूद (SP) - 79,692 वोट | राजेश सिंघल (BJP) - 49,773 वोट

2️⃣ 32- असमोली विधानसभा (Asmoli Assembly)

  • जातीय समीकरण: मुस्लिम, यादव, सैनी, जाट और दलित (जाटव) मतदाता।

  • 2022 का जनादेश: सपा की पिंकी सिंह यादव ने 1,09,335 वोट हासिल कर भाजपा के हरपाल सिंह (85,138 वोट) को 24,197 वोटों से मात दी थी।

  • 2027 की बिसात: असमोली में एम-वाई (मुस्लिम-यादव) गठजोड़ बेहद मजबूत है। भाजपा यहाँ रालोद के जरिए जाट-सैनी-सवर्ण वोटों को लामबंद कर मुकाबले को कड़ा बनाने की कोशिश कर रही है।

📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
  • 2022: पिंकी सिंह यादव (SP) - 1,09,335 वोट | हरपाल सिंह (BJP) - 85,138 वोट

  • 2017: पिंकी सिंह यादव (SP) - 84,608 वोट | नरेंद्र सिंह (BJP) - 83,816 वोट (मात्र 792 वोटों से जीत)

  • 2012: पिंकी सिंह यादव (SP) - 61,540 वोट | अकीलुर्रहमान खान (BSP) - 50,721 वोट

3️⃣ 111- गुन्नौर विधानसभा (Gunnaur Assembly)

  • जातीय समीकरण: यादव, लोध-राजपूत, मुस्लिम, ब्राह्मण, सैनी और दलित मतदाता। (मुलायम सिंह यादव का पुराना क्षेत्र)

  • 2022 का जनादेश: सपा के रामखिलाड़ी सिंह यादव ने 1,23,527 वोट पाकर भाजपा के अजीत कुमार उर्फ राजू यादव (93,986 वोट) को 29,541 वोटों से हराया था।

  • 2027 की बिसात: गुन्नौर ऐतिहासिक रूप से यादव बनाम लोध राजनीति का केंद्र रहा है। सपा अपने यादव-मुस्लिम कैडर के दम पर आगे दिखती है, जबकि भाजपा यहाँ लोध-ओबीसी व गैर-यादव वोटों के जरिए वापसी की रणनीति बना रही है।

📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
  • 2022: रामखिलाड़ी सिंह यादव (SP) - 1,23,527 वोट | अजीत कुमार उर्फ राजू यादव (BJP) - 93,986 वोट

  • 2017: अजीत कुमार उर्फ राजू यादव (BJP) - 1,02,238 वोट | रामखिलाड़ी सिंह यादव (SP) - 87,920 वोट

  • 2012: रामखिलाड़ी सिंह यादव (SP) - 90,650 वोट | अजीत कुमार (सपा विद्रोही/NCP) - 44,702 वोट

4️⃣ 31- चंदौसी सुरक्षित विधानसभा (Chandausi SC Assembly)

  • जातीय समीकरण: आरक्षित सीट जहाँ जाटव, वाल्मीकि, कोरी (दलित) के साथ-साथ सैनी, वैश्य, ब्राह्मण और यादव मतदाता बड़ी संख्या में हैं।

  • 2022 का जनादेश: उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री गुलाबो देवी (BJP) ने 1,11,822 वोट पाकर सपा की विमलेश कुमारी (76,432 वोट) को 35,390 वोटों के भारी अंतर से हराया था।

  • 2027 की बिसात: चंदौसी में भाजपा की गुलाबो देवी का व्यक्तिगत प्रभाव और गैर-जाटव दलित व सवर्ण-ओबीसी गठजोड़ पार्टी को मजबूत रखता है। सपा यहाँ 'PDA' कार्ड के जरिए चुनौती पेश कर रही है।

📈 10 साल का चुनावी रिकॉर्ड
  • 2022: गुलाबो देवी (BJP) - 1,11,822 वोट | विमलेश कुमारी (SP) - 76,432 वोट

  • 2017: गुलाबो देवी (BJP) - 1,02,057 वोट | विमलेश कुमारी (INC/SP) - 46,626 वोट

  • 2012: लक्ष्मी गौतम (SP) - 63,122 वोट | गुलाबो देवी (BJP) - 47,885 वोट

🗳️ जनमत पोल 2: 2027 में 'PDA' बनाम 'NDA' का पलड़ा कहाँ भारी?

संभल की चारों सीटों पर सामाजिक समीकरणों (PDA vs NDA) की जंग में कौन आगे दिख रहा है ?

🎙️ मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ पत्रकार का बेबाक मत

"संभल जिला समाजवादी पार्टी का गढ़ रहा है जहाँ 3 सीटों पर उसका कब्जा है। लेकिन 2027 के चुनाव में गुन्नौर में लोध-राजपूत वोटों की लामबंदी और असमोली में रालोद के आने से जाट-ओबीसी गणित समीकरणों को कड़ा बनाएगा। चंदौसी में भाजपा मजबूत है, लेकिन संभल सदर और असमोली में सपा को हराना विपक्ष के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा।"

📝 निष्पक्ष निष्कर्ष (Final Takeaway)

संभल जिले में 2027 का चुनाव समाजवादी पार्टी के अपने किले को अजेय रखने और भारतीय जनता पार्टी-रालोद गठबंधन के लिए नए समीकरणों से सेंध लगाने की सीधी जंग है। जनता जनार्दन का फैसला ही 2027 का नया जनादेश लिखेगा।

🔗 इन्हें भी पढ़ें (Internal Links):

💬 अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में दें! संभल, असमोली, गुन्नौर और चंदौसी में 2027 में कौन बाज़ी मारेगा? नीचे कमेंट में अपनी राय लिखें और इस जनमत पोल के लिंक को अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स पर तुरंत SHARE करें !Thanku You !

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