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UP MLC चुनाव 11 सीटों पर वोटिंग खत्म: भाजपा के कद्दावर vs सपा के लड़ाके ! जानिए 152 प्रत्याशियों की लिस्ट, वोटिंग ट्रेंड और 27 अक्टूबर के नतीजे

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बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और स्नातकों की अदालत: 72 जिलों में 11 सीटों का महा-मुकाबला

नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के विशेष चुनावी मंच पर आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जहाँ आम तौर पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव की चर्चा सबसे ज्यादा होती है, वहीं प्रदेश की नीतियों पर मुहर लगाने वाले उच्च सदन यानी उत्तर प्रदेश विधान परिषद (UP Legislative Council) की 11 सीटों के चुनाव पर पूरे राज्य की नजरें टिक गई हैं।

प्रदेश के 75 में से 72 जिलों में फैले 5 स्नातक (Graduates) और 6 शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 14.81 लाख मतदाताओं (पंजीकृत शिक्षक और स्नातक) ने 152 उम्मीदवारों के भाग्य को मतपेटियों में बंद कर दिया है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह चुनाव इस बात का लिटमस टेस्ट है कि प्रदेश का प्रबुद्ध, शिक्षित और सरकारी-गैर सरकारी शिक्षक वर्ग किस पार्टी की नीतियों के साथ खड़ा है। आइए सभी 11 सीटों, प्रमुख उम्मीदवारों, मतदान प्रतिशत और 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के समीकरणों को बारीकी से समझते हैं।

📌 यूपी विधान परिषद चुनाव: मुख्य आंकड़े एक नजर में

  • कुल सीटें: 11 (5 स्नातक + 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र)

  • मतदान की तारीख: 23 अक्टूबर (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न)

  • मतगणना (Counting Day): 27 अक्टूबर

  • कुल पंजीकृत मतदाता: लगभग 14,81,310 (शिक्षक व स्नातक)

  • मैदान में कुल प्रत्याशी: 152 उम्मीदवार

  • मतदान का तरीका: मतपत्र (Ballot Paper) पर वरीयता क्रम (1, 2, 3...) दर्ज करके

1. 5 स्नातक (Graduates) सीटें: भाजपा बनाम सपा की सीधी जंग

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में केवल वही नागरिक वोट डालते हैं जिन्होंने कम से कम तीन वर्ष पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री पूरी कर ली हो और मतदाता सूची में पंजीकरण कराया हो।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Constituency)भाजपा (BJP) अधिकृत उम्मीदवारसपा (SP) अधिकृत उम्मीदवारमुख्य सियासी समीकरण
वाराणसी खंड स्नातककेदार नाथ सिंहआशुतोष सिन्हापीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र का स्नातक इलाका; दोनों के बीच सीधी और कांटे की टक्कर।
मेरठ खंड स्नातकदिनेश गोयलप्रमेंद्र सिंह9 जिलों (मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर आदि) में फैला बड़ा शहरी शिक्षित इलाका।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातकअशोक कुमार राठौरमान सिंहप्रयागराज के प्रतियोगी छात्रों और बुंदेलखंड के स्नातकों का मिलाजुला समीकरण।
आगरा खंड स्नातकभाजपा समर्थित प्रत्याशीशशांकब्रज मंडल के व्यापारियों और युवा स्नातकों का मिजाज।
लखनऊ खंड स्नातकभाजपा प्रत्याशीसपा प्रत्याशीराजधानी लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर और हरदोई के स्नातकों का प्रतिनिधित्व।

2. 6 शिक्षक (Teachers) सीटें: शिक्षक संघों का दबदबा या दलीय सियासत?

शिक्षक सीटों पर माध्यमिक विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में न्यूनतम 3 वर्ष से अध्यापन कर रहे शिक्षक वोट करते हैं। यहाँ अक्सर माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट / पांडेय गुट) का ऐतिहासिक दबदबा रहा है, लेकिन इस बार भाजपा और सपा दोनों ने अपने सिंबल पर उम्मीदवार उतारे हैं।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Constituency)भाजपा (BJP) उम्मीदवारसपा (SP) उम्मीदवारअन्य प्रमुख दावेदार / समीकरण
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षकध्रुव त्रिपाठीडॉ. संजयन त्रिपाठीसीएम योगी के गृह क्षेत्र में 79% से अधिक बंपर वोटिंग; सबसे हाई-प्रोफाइल सीट।
वाराणसी खंड शिक्षकडॉ. प्रमोद मिश्रालाल बिहारी यादवपूर्वांचल के शिक्षकों में वित्तविहीन मानदेय और पुरानी पेंशन का बड़ा मुद्दा।
लखनऊ खंड शिक्षकउमेश द्विवेदीसुशील कुमार पटेलअवध क्षेत्र के शिक्षक संघों की आपसी खींचतान और साख का इम्तिहान।
मेरठ खंड शिक्षकश्रीचंद शर्मानितिन कुमार तोमरपश्चिमी यूपी के अशासकीय और एडेड स्कूलों के शिक्षकों का सीधा मुकाबला।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षकडॉ. हरीसिंह ढिल्लोंहाजी मोहम्मद दानिश अख्तररुहेलखंड में 72% से अधिक मतदान; अल्पसंख्यक और एडेड शिक्षकों की गोलबंदी।
आगरा खंड शिक्षकई. हरि किशोर तिवारीडॉ. प्रकाश चंद गुप्ताशिक्षक महासंघ के पुराने दिग्गज आमने-सामने।

3. जमीन पर क्या रहे 3 सबसे बड़े मुद्दे?

  1. पुरानी पेंशन योजना (OPS): शिक्षक और राज्य कर्मचारी वर्ग में पुरानी पेंशन बहाली सबसे भावुक और बड़ा चुनावी मुद्दा बना रहा। समाजवादी पार्टी ने इसे खुलकर समर्थन दिया, जबकि भाजपा ने अपने सुशासन और नियमित मानदेय को आगे रखा।

  2. वित्तविहीन शिक्षकों की स्थिति: माध्यमिक विद्यालयों में बिना सरकारी अनुदान के पढ़ाने वाले हजारों वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय और सेवा सुरक्षा को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस रही।

  3. युवा स्नातकों में बेरोजगारी व पेपर लीक: स्नातक सीटों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में रोजगार के अवसरों और निष्पक्ष भर्ती की मांग सबसे ऊपर रही।

4. मतदान का रुझान: शिक्षक सीटों पर भारी उत्साह, स्नातक सीटों पर कम वोटिंग

मतदान के आधिकारिक आंकड़ों से एक दिलचस्प ट्रेंड सामने आया:

  • शिक्षक सीटों पर बंपर वोटिंग: गोरखपुर-फैजाबाद में रिकॉर्ड लगभग 79.09% मतदान हुआ। मुरादाबाद में 75.31% और बरेली में 72% शिक्षकों ने वोट डाले। शिक्षक कैडर ने अपने अधिकारों के लिए भारी संख्या में बूथों का रुख किया।

  • स्नातक सीटों पर सुस्त मतदान: बड़े-बड़े शहरों में स्नातक सीटों पर मतदान 30% से 40% के बीच सिमट गया (मेरठ स्नातक 39.81%, गाजियाबाद 26.76%)। शहरी मध्यमवर्ग का कम मतदान अक्सर संगठित काडर वाली पार्टियों के लिए अप्रत्याशित परिणाम लेकर आता है।

5. जीत का फॉर्मूला: 27 अक्टूबर को कैसे तय होगा विजेता ?


📐 विधान परिषद मतगणना का नियम (Preference Voting):

• विधान परिषद के इन चुनावों में कोई ईवीएम (EVM) नहीं होती, मतपत्रों की गिनती होती है।
• जीतने के लिए न्यूनतम कोटा (कुल वैध मत ÷ 2 + 1) हासिल करना अनिवार्य होता है।
• यदि पहले दौर में किसी को 50% से अधिक पहली वरीयता के वोट नहीं मिलते, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों के दूसरी और तीसरी वरीयता के वोट ट्रांसफर किए जाते हैं।

✅ असर: इसीलिए 27 अक्टूबर को सुबह गिनती शुरू होने के बाद अंतिम नतीजे देर रात या अगले दिन तक आ सकते हैं।

बिंदास पोल का जमीनी निचोड़ (Final Ground Verdict)

यह 11 सीटों का चुनाव सिर्फ उच्च सदन की सदस्यता का नहीं है। भाजपा जहाँ स्नातक सीटों पर अपने संगठन की ताकत और पन्ना प्रमुखों के जरिए पढ़े-लिखे वर्ग में अपनी पकड़ साबित करना चाहती है, वहीं समाजवादी पार्टी यह दिखाना चाहती है कि शिक्षक और युवा वर्ग मौजूदा नीतियों से बदलाव की उम्मीद कर रहा है।

27 अक्टूबर के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के बौद्धिक और नीतिगत माहौल का रुख साफ कर देंगे।

📊 Live Poll: यूपी एमएलसी चुनाव 2026 पर आपकी राय

शिक्षक और स्नातक सीटों के इस महा-मुकाबले पर आपकी क्या राय है? नीचे दिए गए लाइव Poll में अपना निष्पक्ष वोट दर्ज करें :-



 हमारी अन्य प्रमुख चुनावी रिपोर्ट्स (Must Read):

📢 जनता की अदालत: आपकी क्या है राय? (Comment & Share )

11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर क्या बदलाव की बयार दिखेगी या सत्ता पक्ष का परचम लहराएगा ? क्या पुरानी पेंशन का मुद्दा असर दिखाएगा ?

👇 अपने जिले या मंडल का नाम और अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें!

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🗳️ Election Information & Official Voter Resources (नागरिक व मतदाता सेवाएं)

  • आधिकारिक मतदाता सूची में नाम जांचने, नया वोटर आईडी कार्ड (Form 6) बनवाने या संशोधन के लिए Election Commission of India Citizen Portal का उपयोग करें।

  • राज्य निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश चुनाव कार्यालय के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के लिए Chief Electoral Officer (CEO) Uttar Pradesh के पोर्टल पर जाएं।

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