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पीतल नगरी मुरादाबाद की 6 सीटों पर 2027 का सियासी दांव: सर्वे

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ढलाई घरों की भट्टी, दुनिया भर में चमकता पीतल कारोबार और मुरादाबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों पर 2027 की बिसात!

रामगंगा नदी के किनारे बसा, दुनिया भर में हस्तशिल्प और बर्तन एक्सपोर्ट के लिए प्रसिद्ध 'ब्रास सिटी' यानी मुरादाबाद (Moradabad) उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक भारी-भरकम सियासी पहचान रखता है। मुरादाबाद मंडल का यह सबसे प्रमुख जिला मुस्लिम (लगभग 47%), सैनी (ओबीसी), जाट, तुर्क, वैश्य, ब्राह्मण और दलित (जाटव) समाज की मजबूत आबादी के सामाजिक समीकरणों पर चलता है।

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद जिले की 6 सीटों पर समाजवादी पार्टी (SP) का एकतरफा दबदबा देखने को मिला था। सपा ने 6 में से 5 सीटों—ठाकुरद्वारा (27), कांठ (28), मुरादाबाद देहात (29), कुंदरकी (31) और बिलारी (32) पर प्रचंड जीत दर्ज की थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुरादाबाद नगर (30) सीट जीतकर अपनी साख बचाई थी।

इसके बाद कुंदरकी सीट पर हुए उपचुनाव और 2024 के लोकसभा नतीजों के बाद अब 2027 के महासंग्राम को लेकर रामगंगा के कछार से लेकर बाजारों तक की चौपालों पर चुनावी चर्चाएं शबाब पर हैं। क्या सपा अपनी 5 सीटों का मजबूत गढ़ बचा पाएगी या भाजपा-रालोद (NDA) गठबंधन यहाँ बड़ा उलटफेर करेगा? आइए, सीधे कारखानों और गांवों की चौपाल से देखते हैं पूरी जमीनी रिपोर्ट।

🚨 पीतल नगरी की चौपालों से उठे 3 सुलगते स्थानीय मुद्दे

  1. पीतल कारोबार को जीएसटी राहत, एक्सपोर्ट इंसेंटिव व सस्ती बिजली: मुरादाबाद के लाखों कारीगरों और एक्सपोर्टर्स की मांग है कि पीतल व हस्तशिल्प उद्योग को जीआई-टैग प्रोत्साहन, कच्चे माल पर टैक्स छूट और कारखानों को निर्बाध बिजली मिले।

  2. शहरी जलभराव, रामगंगा सफाई व बाइपास निर्माण: मुरादाबाद शहर में बारिश के दौरान लगने वाला भीषण जलभराव, सीवर प्रणाली का सुधार और दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर ट्रैफिक जाम मुक्ति हेतु आउटर बाइपास।

  3. गन्ना किसान भुगतान, सड़कें व ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र: बिलारी और कांठ बेल्ट के गन्ना किसानों को समय पर मूल्य भुगतान, देहाती सड़कों का जीर्णोद्धार और पीएचसी/सीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती।

🗳️ जनमत पोल 1 :-  मुरादाबाद का सबसे बड़ा जमीनी मुद्दा कौन सा है ?

📌 मुरादाबाद जिले की साटों विधानसभा सीटों का इन-डेप्थ राजनीतिक एक्स-रे

1️⃣ 30- मुरादाबाद नगर विधानसभा (Moradabad Nagar Assembly)

  • जातीय बनावट: वैश्य, पंजाबी, ब्राह्मण, मुस्लिम, सैनी और दलित समुदाय।

  • 2022 का फैसला: भाजपा के रितेश कुमार गुप्ता ने 1,48,384 वोट पाकर सपा के मो. यूसुफ अंसारी (1,47,602 वोट) को मात्र 782 वोटों के बेहद नजदीकी मुकाबले में हराया था।

  • 2027 का मिजाज: शहरी सीट होने के नाते भाजपा यहाँ मजबूत आधार रखती है, लेकिन सपा यहाँ बेहद मामूली अंतर से हारी थी, इसलिए 2027 में यहाँ कांटे की टक्कर होना तय है।

2️⃣ 27- ठाकुरद्वारा विधानसभा (Thakurdwara Assembly)

  • जातीय बनावट: मुस्लिम, चौहान-राजपूत, जाट, सैनी और दलित समाज।

  • 2022 का फैसला: सपा के नवाब जान ने 1,34,391 वोट पाकर भाजपा के अजय प्रताप सिंह (1,14,707 वोट) को 19,684 वोटों से हराया था।

  • 2027 का मिजाज: नवाब जान का यह पारंपरिक क्षेत्र माना जाता है। यहाँ मुस्लिम और ओबीसी वोटों की गोलबंदी हार-जीत तय करती है।

3️⃣ 28- कांठ विधानसभा (Kanth Assembly)

  • जातीय बनावट: मुस्लिम, जाट, सैनी, प्रजापति और दलित मतदाता।

  • 2022 का फैसला: सपा के कमल अख्तर ने 1,34,700 वोट पाकर भाजपा के राजेश कुमार चुन्नू (91,522 वोट) को 43,178 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।

  • 2027 का मिजाज: कांठ में सपा का मुस्लिम-दलित-ओबीसी गठजोड़ बेहद मजबूत स्थिति में है, जबकि भाजपा-रालोद गठबंधन जाट-सैनी वोटों के दम पर वापसी की कोशिश में है।

4️⃣ 29- मुरादाबाद देहात विधानसभा (Moradabad Dehat Assembly)

  • जातीय बनावट: मुस्लिम (तुर्क बाहुल्य), सैनी, जाटव और यादव समाज।

  • 2022 का फैसला: सपा के हाजी नासिर कुरैशी ने 1,44,000 से अधिक वोट हासिल कर भाजपा के के.के. मिश्रा को लगभग 56,000 वोटों से हराया था।

  • 2027 का मिजाज: मुरादाबाद देहात सीट समाजवादी पार्टी का अजेय किला मानी जाती है।

5️⃣ 31- कुंदरकी विधानसभा (Kundarki Assembly)

  • जातीय बनावट: मुस्लिम (तुर्क/सैफी), दलित (जाटव), सैनी और ब्राह्मण समुदाय।

  • 2022 का फैसला: 2022 में सपा के जियाउर्रहमान बर्क जीते थे। उनके सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी।

  • 2027 का मिजाज: कुंदरकी सीट तुर्क व दलित राजनीति का मुख्य केंद्र है जहाँ सपा अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है।

6️⃣ 32- बिलारी विधानसभा (Bilari Assembly)

  • जातीय बनावट: मुस्लिम, यादव, जाट, सैनी और दलित मतदाता।

  • 2022 का फैसला: सपा के मोहम्मद फहीम इरफान ने 1,08,826 वोट पाकर भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी (1,01,216 वोट) को 7,610 वोटों से हराया था।

  • 2027 का मिजाज: बिलारी में यादव-मुस्लिम-सैनी समीकरण सबसे अहम रहता है। यहाँ हर बार सीधा और कड़ा मुकाबला होता है।

📊 मुरादाबाद जिला: पिछले 3 चुनावों का रिपोर्ट कार्ड (2012, 2017, 2022) 

सीट का नाम व संख्या2012 विजेता (पार्टी)2017 विजेता (पार्टी)2022 विजेता (पार्टी)
27 - ठाकुरद्वाराकुंवर सर्वेश कुमार (BJP)नवाब जान (SP)नवाब जान (SP)
28 - कांठअनीसुर्रहमान (PECP)राजेश कुमार चुन्नू (BJP)कमाल अख्तर (SP)
29 - मुरादाबाद देहातशमीमुल हक (SP)हाजी इकराम कुरैशी (SP)हाजी नासिर कुरैशी (SP)
30 - मुरादाबाद नगररीता सिंह (SP)रितेश कुमार गुप्ता (BJP)रितेश कुमार गुप्ता (BJP)
31 - कुंदरकीमोहम्मद रिज़वान (SP)मोहम्मद रिज़वान (SP)जियाउर्रहमान बर्क (SP)
32 - बिलारीमोहम्मद इरफान (SP)मोहम्मद फहीम इरफान (SP)मोहम्मद फहीम इरफान (SP)

📈 पार्टीवार कुल सीटें:

  • 2012: SP - 4 सीटें | BJP - 1 सीट | PECP - 1 सीट

  • 2017: SP - 4 सीटें | BJP - 2 सीटें

  • 2022: SP - 5 सीटें | BJP - 1 सीट

🎙️ मंडल के वरिष्ठ पत्रकार की निष्पक्ष पड़ताल

"मुरादाबाद जिले की राजनीति में समाजवादी पार्टी का जनाधार हमेशा से बहुत गहरा रहा है। 2022 में उसने 6 में से 5 सीटें जीती थीं। लेकिन 2027 के चुनाव में भाजपा-रालोद गठबंधन के साथ आने से देहाती सीटों (कांठ और बिलारी) पर जाट-सैनी वोटों का नया ध्रुवीकरण देखने को मिल सकता है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो जाएगा।"

🏆 जनमत पोल 2 [2027 ओपिनियन सर्वे]: मुरादाबाद में किसका पलड़ा भारी?

ठाकुरद्वारा, कांठ, मुरादाबाद देहात, नगर, कुंदरकी और बिलारी की इन 6 सीटों पर 2027 में किस दल/गठबंधन की हवा दिख रही है? अपना वोट दर्ज करें :-- 

📝 निष्पक्ष निष्कर्ष (The Final Verdict)

मुरादाबाद जिले में 2027 का चुनाव समाजवादी पार्टी के लिए अपने रुहेलखंड के सबसे पक्के दुर्ग को अजेय रखने का इम्तिहान है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के लिए नए सामाजिक समीकरणों के सहारे सपा के इस किले में सेंध लगाने की साख की जंग है।

🔗 इन्हें भी पढ़ें (Internal Links):

💬 आपकी क्या राय है? अपनी आवाज उठाइए और चर्चा में शामिल होइए!

 मुरादाबाद की इस सियासी जंग में आपके क्षेत्र का माहौल किधर है? क्या 2027 में सपा अपनी 5 सीटें बचा पाएगी या भाजपा-रालोद गठबंधन बाज़ी पलटेगा?

👉 नीचे कमेंट बॉक्स (Comment Box) में अपनी बेबाक राय और वोट का कारण ज़रूर लिखें! अगर आपको यह ज़मीनी पड़ताल और निष्पक्ष विश्लेषण पसंद आया हो, तो इसे अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स (WhatsApp Groups), फेसबुक और ट्विटर पर अभी तुरंत SHARE करें ताकि मुरादाबाद का हर नागरिक इस महा-जनमत सर्वे में भाग ले सके! 🚀

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