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" रुहेलखंड ज़मीनी पड़ताल: बदायूं की चौपाल डायरी " जानिए जिले के सभी विधानसभा का हाल

Badaun District UP Assembly Election 2027 Ground Opinion Survey Map 6 Seats Bisauli SC Sahaswan Bilsi Badaun Sadar Shekhupur Dataganj

रुहेलखंड ज़मीनी पड़ताल: गंगा का कछार, पेड़े की मिठास और बदायूं जिले की 6 विधानसभा सीटों पर 2027 का सियासी महासंग्राम!

सूफी-संतों की ऐतिहासिक सरज़मीं, मेंथा तेल (पेपरमिंट) की बंपर पैदावार और प्रसिद्ध पेड़े की मिठास के लिए जाना जाने वाला बदायूं (Badaun) जिला उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बेहद संवेदनशील केंद्र रहा है। बरेली मंडल के तहत आने वाला यह जिला यादव, मुस्लिम, मौर्य/शाक्य, लोध-राजपूत, वैश्य, ब्राह्मण और दलित (जाटव/पासी) मतदाताओं के पेचीदा सामाजिक समीकरणों पर टिका हुआ है।

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बदायूं जिले की 6 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच 3-3 की कड़क बराबरी देखने को मिली थी। बदायूं सदर (115) से महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी (114) से हरीश शाक्य और दातागंज (117) से राजीव कुमार सिंह ने जीत दर्ज कर भाजपा का झंडा फहराया था। दूसरी ओर, सहसवान (113) से ब्रजेश यादव, शेखुपुर (116) से हिमांशु यादव और बिसौली आरक्षित (112) सीट से आशुतोष मौर्य ने परचम लहराकर सपा का दबदबा साबित किया था।

2024 के लोकसभा चुनाव में बदायूं संसदीय सीट पर सपा के आदित्य यादव की जीत के बाद अब 2027 के चुनाव को लेकर गाँव-गाँव की चौपालों पर तीखी बहस छिड़ चुकी है। क्या भाजपा 2027 में बढ़त बनाएगी या सपा अपने 'PDA' कार्ड के सहारे 2012 जैसा इतिहास दोहराएगी? आइए, सीधे देहाती चौपालों और कस्बों से देखते हैं पूरा हाल।

🚨 बदायूं की चौपालों से उठे 3 सुलगते स्थानीय मुद्दे

  1. मेंथा व आलू किसानों को सही भाव व प्रोसेसिंग प्लांट: बदायूं बेल्ट में मेंथा और आलू की बंपर पैदावार होती है। किसानों को मेंथा तेल का उचित समर्थन मूल्य, कोल्ड स्टोरेज भाड़े में रियायत और प्रोसेसिंग यूनिट की पुरानी मांग।

  2. गंगा-सोत नदी कटान व बाढ़ बचाव बांध: बाढ़ के मौसम में सहसवान, दातागंज और कछार बेल्ट में गंगा नदी के कटान से सैकड़ों एकड़ फसल तबाह होना और स्थायी पक्के बांध की दरकार।

  3. सड़कें, बाईपास निर्माण व ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र: बदायूं शहर में जाम से मुक्ति हेतु रिंग रोड/बाईपास का निर्माण, देहाती सड़कों का चौड़ीकरण और सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती।

🗳️पोल 1 : आपके हिसाब से बदायूं का सबसे बड़ा मुद्दा क्या है ?

📌 बदायूं जिले की छ्हों विधानसभा सीटों का इन-डेप्थ राजनीतिक एक्स-रे

1️⃣ 115- बदायूं सदर विधानसभा (Badaun Sadar Assembly)

  • जातीय बनावट: वैश्य, मुस्लिम, यादव, मौर्य, ब्राह्मण और दलित समाज।

  • 2022 का फैसला: भाजपा के महेश चंद्र गुप्ता ने 1,02,284 वोट पाकर सपा के मो. आबिद (91,105 वोट) को 11,179 वोटों से हराया था।

  • 2027 का मिजाज: जिला मुख्यालय की यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। वैश्य और सवर्ण वोटों का लामबंद होना भाजपा को ताकत देता है, जबकि सपा मुस्लिम-यादव-मौर्य गठजोड़ के सहारे वापसी की फिराक में है।

2️⃣ 113- सहसवान विधानसभा (Sahaswan Assembly)

  • जातीय बनावट: मुस्लिम, यादव, मौर्य, शाक्य और दलित समुदाय।

  • 2022 का फैसला: सपा के ब्रजेश यादव ने 1,02,300 से अधिक वोट हासिल कर बसपा के हाजी मुसर्रत अली को हराया था।

  • 2027 का मिजाज: सहसवान यादव और मुस्लिम वोटों का सबसे मजबूत सपा किला माना जाता है। यहाँ भाजपा अपने अति-पिछड़े और सवर्ण वोट बैंक के सहारे कड़ा मुकाबला बनाने की कोशिश में है।

3️⃣ 116- शेखुपुर विधानसभा (Shekhupur Assembly)

  • जातीय बनावट: यादव, शाक्य, मुस्लिम, लोध और दलित समाज।

  • 2022 का फैसला: सपा के हिमांशु यादव ने 1,01,157 वोट लाकर भाजपा के धर्मेंद्र कुमार शाक्य (95,082 वोट) को 6,075 वोटों से हराया था।

  • 2027 का मिजाज: शेखुपुर में यादव बनाम शाक्य-लोध राजनीति की सीधी जंग होती है। 2027 में यहाँ कांटे की टक्कर होने के पूरे आसार हैं।

4️⃣ 117- दातागंज विधानसभा (Dataganj Assembly)

  • जातीय बनावट: राजपूत (ठाकुर), यादव, मौर्य, मुस्लिम और दलित मतदाता।

  • 2022 का फैसला: भाजपा के राजीव कुमार सिंह (पप्पू भइया) ने 1,07,000 से अधिक वोट पाकर सपा के कैप्टन अर्जुन सिंह को लगभग 22,000 वोटों से शिकस्त दी थी।

  • 2027 का मिजाज: दातागंज में राजपूत और ओबीसी-दलित वोटों का समीकरण भाजपा को बढ़त दिलाता है।

5️⃣ 114- बिल्सी विधानसभा (Bilsi Assembly)

  • जातीय बनावट: शाक्य/मौर्य, ब्राह्मण, यादव, मुस्लिम और दलित समाज।

  • 2022 का फैसला: भाजपा के हरीश शाक्य ने 93,500 से ज्यादा वोट लाकर सपा के चंद्रप्रकाश मौर्य को 25,115 वोटों के अंतर से हराया था।

  • 2027 का मिजाज: बिल्सी में शाक्य और सवर्ण वोट बैंक भाजपा की मुख्य ढाल है, जबकि सपा 'PDA' कार्ड से सेंध लगाने के प्रयास में है।

6️⃣ 112- बिसौली सुरक्षित विधानसभा (Bisauli SC Assembly)

  • जातीय बनावट: आरक्षित सीट - जाटव, वाल्मीकि (दलित) के साथ मौर्य, यादव, मुस्लिम और सवर्ण मतदाता।

  • 2022 का फैसला: सपा के आशुतोष मौर्य ने 1,01,000 से अधिक वोट हासिल कर भाजपा के कुशाग्र सागर को 2,126 वोटों के बेहद कड़े मुकाबले में मात दी थी।

  • 2027 का मिजाज: बिसौली में मौर्य और दलित-मुस्लिम गठजोड़ की भूमिका सबसे निर्णायक साबित होती है।

क्र. सं.राजनीतिक दल (Party Name)चुनाव चिन्ह (Symbol)2012 चुनाव सीटें2017 चुनाव सीटें2022 चुनाव सीटें
1समाजवादी पार्टी (SP)🚲 साइकिल513
2भारतीय जनता पार्टी (BJP)🪷 कमल053
3बहुजन समाज पार्टी (BSP)🐘 हाथी100
-कुल सीटें (Total Seats)666

📈 मुख्य रुझान :-

  • 2012: समाजवादी पार्टी (SP) का एकतरफा दबदबा रहा और उसने 6 में से 5 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की।

  • 2017: भाजपा की लहर में पासा पलटा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 5 सीटें जीतकर अपना झंडा फहराया।

  • 2022: दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और चुनाव परिणाम एकदम 3-3 की कड़क बराबरी पर जाकर टिका।

🎙️ रुहेलखंड के पत्रकार की बेबाक टिप्पणी

"बदायूं जिले की राजनीति 2022 में एकदम 3-3 के संतुलन पर आकर टिक गई थी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बदायूं सीट पर सपा की जीत और यादव-शाक्य-मुस्लिम समीकरणों की मजबूत लामबंदी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। भाजपा अपने सवर्ण-शाक्य-लोध गठजोड़ के भरोसे मैदान में है, तो सपा अपने 'PDA' जनाधार को 2012 की तरह 5 सीटों में बदलने का दावा कर रही है।"

🏆 जनमत पोल 2 [2027 ओपिनियन सर्वे]: बदायूं में किसका पलड़ा भारी?

बिसौली, सहसवान, बिल्सी, बदायूं सदर, शेखुपुर और दातागंज की इन 6 सीटों पर 2027 में किस दल या गठबंधन का माहौल भारी दिख रहा है? अपना वोट दर्ज करे ___

📝 लग क्या रहा है _

बदायूं जिले में 2027 का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए अपनी पकड़ को दोबारा मजबूत करने की परीक्षा है, तो वहीं समाजवादी पार्टी के लिए रुहेलखंड के इस महत्वपूर्ण गढ़ में फिर से एकतरफा बढ़त हासिल करने की साख की जंग है। 3-3 की इस बराबरी को कौन सा दल अपने पक्ष में मोड़ेगा, इसका अंतिम फैसला बदायूं की जागरूक जनता जनार्दन तय करेगी।

🔗 इन्हें भी पढ़ें (Internal Links):

💬 आपकी क्या राय है? अपनी आवाज उठाइए और चर्चा में शामिल होइए!

 बदायूं की इस सियासी जंग में आपके गाँव या शहर का रुख किधर दिख रहा है? क्या 2027 में सपा अपनी 3 सीटें बचाकर बढ़त बनाएगी या भाजपा फिर से 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराएगी?

👉 नीचे कमेंट बॉक्स (Comment Box) में अपनी बेबाक राय और वोट का कारण ज़रूर लिखें! अगर आपको यह ज़मीनी पड़ताल और निष्पक्ष विश्लेषण पसंद आया हो, तो इसे अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स (WhatsApp Groups), फेसबुक और ट्विटर पर अभी तुरंत SHARE करें ताकि बदायूं का हर जागरूक नागरिक इस महा-जनमत सर्वे में भाग ले सके! 🚀

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