राम राम मित्रो , खगोल विज्ञान में जहाँ ग्रहण को एक सामान्य भौगोलिक घटना माना जाता है, वहीं ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण (Sun Eclipse) और चंद्र ग्रहण (Moon Eclipse) का मनुष्य के जीवन पर बहुत गहरा और निर्णायक प्रभाव माना गया है। ग्रहण के समय ब्रह्मांड में नकारात्मक तरंगें बढ़ जाती हैं, जिसका सीधा असर हमारी मानसिक स्थिति, सेहत और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। आज बिंदास पोल (Bindaas Poll) के इस विशेष अंक में हम जानेंगे कि आने वाले ग्रहणों का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और सूतक काल के दौरान किन सावधानियों को बरतना अनिवार्य है। 🚨 ग्रहण और सूतक काल के दौरान क्या करें और क्या न करें सूतक काल का नियम: सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। सूतक काल में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन पकाने या खाने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानी: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही सुई, कैंची या चाकू जैसी नुकीली चीजों का प्रयोग करना चाहिए। भोजन में तुलसी के पत्ते: ग्रहण शुरू होने से पहले ही घर में र...