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Grahan 2026: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का आपकी राशि पर प्रभाव, जानिए सूतक काल का समय और बचने के अचूक उपाय!

 खगोल विज्ञान में जहाँ ग्रहण को एक सामान्य भौगोलिक घटना माना जाता है, वहीं ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण (Sun Eclipse) और चंद्र ग्रहण (Moon Eclipse) का मनुष्य के जीवन पर बहुत गहरा और निर्णायक प्रभाव माना गया है। ग्रहण के समय ब्रह्मांड में नकारात्मक तरंगें बढ़ जाती हैं, जिसका सीधा असर हमारी मानसिक स्थिति, सेहत और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है।

आज बिंदास पोल (Bindaas Poll) के इस विशेष अंक में हम जानेंगे कि आने वाले ग्रहणों का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और सूतक काल के दौरान किन सावधानियों को बरतना अनिवार्य है।

🚨 ग्रहण और सूतक काल के दौरान क्या करें और क्या न करें

  • सूतक काल का नियम: सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। सूतक काल में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन पकाने या खाने से बचना चाहिए।

  • गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानी: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही सुई, कैंची या चाकू जैसी नुकीली चीजों का प्रयोग करना चाहिए।

  • भोजन में तुलसी के पत्ते: ग्रहण शुरू होने से पहले ही घर में रखे हुए दूध, पानी और बने हुए भोजन में तुलसी के पत्ते (Kusha) डाल दें, इससे भोजन पर ग्रहण की नकारात्मक किरणों का असर नहीं होता।

🛡️ ग्रहण के दुष्प्रभावों से बचने के 3 जेन्युइन उपाय

  1. मंत्र जाप की शक्ति: ग्रहण काल के दौरान किया गया मंत्र जाप सामान्य दिनों से हजार गुना ज्यादा फल देता है। इस समय ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जाप करें।

  2. ग्रहण के बाद स्नान और गंगाजल: ग्रहण समाप्त होते ही पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और स्वयं स्नान करके साफ कपड़े पहनें।

  3. अनाज का दान: ग्रहण के तुरंत बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार गेहूं, चावल, काले तिल या कंबल का दान किसी जरूरतमंद को करें।

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