यह खबर लिखते हुए भी दिल भर आता है। हर महीने कोटा या देश के किसी कोने से खबर आती है कि नीट या यूपीपीएससी की तैयारी करने वाले एक और छात्र ने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। आखिर क्यों? क्योंकि जब सालों की मेहनत के बाद भी पेपर लीक हो जाता है और परीक्षा रद्द हो जाती है, तो एक 19-20 साल का युवा अपनी उम्मीदें हार बैठता है।
सरकारें बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन किसी भी नेता के पास इस मानसिक तनाव का कोई जवाब नहीं है। सोनम वांगचुक इसी दर्द को लेकर अनशन पर बैठे थे। क्या हमारे देश के राजनेताओं के लिए बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं बची है?
🗳️ लाइव महा-पोल (Live Voting):
Super Survey Maker
दोस्तों अपनी बात कमेंट बॉक्स में लिखे और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे |
हम प्रोटेस्ट में नही जा सकते पर अपनी राय दे सकते है और व्हाटसअप ग्रुप /फेसबुक पर शेयर कर सकते है ||
जय हिन्द !!
Comments
Post a Comment