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प्रयागराज विधानसभा चुनाव 2027 ओपिनियन पोल: संगम नगरी की 12 सीटों पर किसका चलेगा राज? जानिए नंदी, सिद्धार्थ नाथ और उज्ज्वल रमण के गढ़ का पूरा ग्राउंड रिपोर्ट कार्ड !

 

प्रयागराज/इलाहाबाद विधानसभा चुनाव ओपिनियन पोल 2027

🎙️ 1. प्रयागराज का सियासी ताना-बाना, महाकुंभ का प्रभाव और 2027 की 4 बड़ी हकीकतें

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम की धरती प्रयागराज जिला उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा पावर सेंटर है। 12 विधानसभा क्षेत्रों—प्रयागराज शहर उत्तर, प्रयागराज शहर दक्षिण, प्रयागराज शहर पश्चिम, फाफामऊ, सोरांव (SC), फूलपुर, प्रतापपुर, हंडिया, मेजा, करछना, बारा (SC), और कोरांव (SC) वाले इस जिले में ब्राह्मण, पटेल/कुर्मी, यादव, कायस्थ, मुस्लिम, वैश्य, और अनुसूचित जाति (पासी/गौतम) का ताना-बाना सरकार बनाने की चाबी रखता है।

यह जिला इलाहाबाद (प्रयागराज) और फूलपुर दो बड़े लोकसभा क्षेत्रों में बंटा हुआ है।

🚨 प्रयागराज की 4 सबसे बड़ी ज़मीनी सच्चाइयां (Local Ground Issues):

  1. छात्रों की समस्याएं व रोजगार: इलाहाबाद विश्वविद्यालय और सलोरी/गोविंदपुर/तेलियरगंज का कोचिंग हब लाखों प्रतियोगी छात्रों का ठिकाना है। यूपीपीएससी (UPPSC) की परीक्षाओं की पारदर्शिता, पेपर लीक और समय पर भर्ती मुख्य चुनावी मुद्दा है।

  2. महाकुंभ विकास बनाम व्यापारी नुकसान: शहर में सड़कों के चौड़ीकरण और महाकुंभ के बड़े प्रोजेक्ट्स से विकास तो हुआ, पर अतिक्रमण हटाओ अभियानों से छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों में नाराजगी भी है।

  3. गंगा-यमुना का कटान व शहरी बाढ़: बारिश के दिनों में छोटा बघड़ा, सलोरी, और दारागंज जैसे इलाकों में बाढ़ का पानी घुसना और देहाती इलाकों में कटान बड़ी समस्या है।

  4. यमुनापार-गंगापार का किसान व अन्ना मवेशी: यमुनापार (मेजा, कोरांव, बारा) के पथरीले इलाकों में पानी की किल्लत और अन्ना पशुओं से फसलों का नुकसान किसानों की दुखती रग है।

🏛️ 2. प्रयागराज की सभी 12 सीटों का डीप-डाइव डेटा व अनोखे ओपिनियन पोल्स

1. प्रयागराज शहर दक्षिण (349) – Prayagraj City South

🔍 ज़मीनी समीकरण व सियासी माहौल:

शहर दक्षिण सीट व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र है। वर्तमान में यहाँ से योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' विधायक हैं। वैश्य, ब्राह्मण, मुस्लिम और कायस्थ मतदाताओं की बदौलत यह भाजपा का मजबूत किला माना जाता है।

📊 पिछले चुनावों का डेटा:

  • 2017 विधानसभा: नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' (BJP) जीते।

  • 2022 विधानसभा: नंदी (BJP) ने 102,747 वोट पाकर सपा के रईस चंद्र शुक्ला (76,865 वोट) को 25,882 वोटों से हराया।

  • 2024 लोकसभा: प्रयागराज लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस-सपा गठबंधन के उज्ज्वल रमण सिंह ने जीत दर्ज की, लेकिन शहर दक्षिण में भाजपा को बढ़त मिली थी।

🗳️ प्रयागराज शहर दक्षिण: 'मंत्री रिपोर्ट कार्ड' पोल:___

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2. प्रयागराज शहर पश्चिम (348) – Prayagraj City West

🔍 ज़मीनी समीकरण व सियासी माहौल:

पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह (भाजपा) यहाँ से विधायक हैं। अतीक अहमद के अंत के बाद इस सीट का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। मौर्य/काछी, पटेल, मुस्लिम, ब्राह्मण और दलित मतदाताओं की यहाँ बड़ी भूमिका है।

📊 पिछले चुनावों का डेटा:

  • 2017 विधानसभा: सिद्धार्थ नाथ सिंह (BJP) जीते।

  • 2022 विधानसभा: सिद्धार्थ नाथ सिंह (BJP) ने 118,759 वोट हासिल कर सपा की अमरनाथ सिंह मौर्य (88,826 वोट) को 29,933 वोटों से हराया।

🗳️ प्रयागराज शहर पश्चिम: 'कानून-व्यवस्था व विकास' पोल:-- 

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3. प्रयागराज शहर उत्तर (350) – Prayagraj City North

🔍 ज़मीनी समीकरण व सियासी माहौल:

शहर उत्तर सीट को "बुद्धिजीवियों और छात्रों की सीट" कहा जाता है। वर्तमान में यहाँ से भाजपा के हर्षवर्धन बाजपेयी विधायक हैं। ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य और छात्र वर्ग यहाँ जीत-हार तय करता है।

📊 पिछले चुनावों का डेटा:

  • 2017 विधानसभा: हर्षवर्धन बाजपेयी (BJP) जीते।

  • 2022 विधानसभा: हर्षवर्धन बाजपेयी (BJP) ने 96,890 वोट पाकर अनुग्रह नारायण सिंह (कांग्रेस - 42,000 वोट) और संदीप यादव (सपा - 36,000 वोट) को बड़े अंतर से हराया।

🗳️ प्रयागराज शहर उत्तर: 'छात्र व रोजगार' पोल :__

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4. फूलपुर विधानसभा सीट (256) – Phulpur Assembly Seat

🔍 ज़मीनी समीकरण व सियासी माहौल:

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की कर्मभूमि रही फूलपुर सीट पटेल (कुर्मी), यादव, मुस्लिम और मौर्य मतों से तय होती है। 2022 में भाजपा के प्रवीण पटेल यहाँ से विधायक बने थे, जो 2024 में सांसद चुन लिए गए। इसके चलते यहाँ उपचुनाव (By-Election) का माहौल बना था।

📊 पिछले चुनावों व उपचुनाव का डेटा:

  • 2017 विधानसभा: प्रवीण पटेल (BJP) जीते।

  • 2022 विधानसभा: प्रवीण पटेल (BJP) ने 103,557 वोट पाकर सपा के मुर्तजा सिद्दीकी (100,825 वोट) को मात्र 2,732 वोटों के बारीक अंतर से हराया था।

  • 2024 लोकसभा: फूलपुर लोकसभा से प्रवीण पटेल (BJP) सांसद बने।

🗳️ फूलपुर सीट: ओपिनियन पोल्स----  

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5. फाफामऊ विधानसभा सीट (254) – Phaphamau Seat

🔍 ज़मीनी समीकरण, स्थानीय मुद्दे व प्रमुख नेता:

गंगापार की फाफामऊ सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के गुरु प्रसाद मौर्य विधायक हैं। यहाँ मौर्य, यादव, मुस्लिम, ब्राह्मण, पटेल (कुर्मी) और दलित मतों का मुख्य प्रभाव है।

फाफामऊ का मुख्य इलाका लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर स्थित है, जहाँ शांतरम चौक जाम, गंगा तटीय गांवों में बाढ़, और शांतिपुरम आवासीय क्षेत्र की बदहाल सफाई प्रमुख स्थानीय मुद्दे हैं। सपा से पूर्व विधायक अंसार अहमद पहलवान यहाँ मजबूत दावेदार रहे हैं।

📊 फाफामऊ सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड :_

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशी (Winner)पार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशी (Runner-up)पार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभाअंसार अहमद पहलवानSP51,950गुरु प्रसाद मौर्यBSP46,6545,296
2017 विधानसभाविक्रमाजीत मौर्यBJP83,239अंसार अहमदSP57,25425,985
2022 विधानसभागुरु प्रसाद मौर्यBJP91,186अंसार अहमदSP76,86214,324
2024 लोकसभा (फाफामऊ बढ़त)केसरी देवी पटेल / नीरज त्रिपाठीBJP103,503अमरनाथ सिंह मौर्य / पंढरी यादवSP78,29825,200 (BJP बढ़त)
🗳️ फाफामऊ सीट: ओपिनियन पोल्स :--
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6. सोरांव (सुरक्षित) विधानसभा सीट (255) – Soraon Seat (SC)

🔍 ज़मीनी समीकरण, स्थानीय मुद्दे व प्रमुख नेता:

सोरांव (SC) सीट पर वर्तमान में समाजवादी पार्टी की गीता पासी (गीता शास्त्री) विधायक हैं। यहाँ पासी, अहिरवार/गौतम (दलित), पटेल, यादव और सवर्ण मतदाता निर्णायक हैं।

सोरांव मंडी क्षेत्र में धान-गेहूं की सरकारी खरीद में अव्यवस्था, छुट्टा पशुओं का आतंक, और देहाती इलाकों में जर्जर खंभे-बिजली आपूर्ति मुख्य जमीनी समस्याएं हैं। अपना दल (एस) के पूर्व विधायक डॉ. जमूना प्रसाद सरोज यहाँ सपा को कड़ी टक्कर देते हैं।

📊 सोरांव (SC) सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड__

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशी (Winner)पार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशी (Runner-up)...मिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभासत्यवीर मुन्नाSP61,153बाबूलाल भंवराBSP47,85213,301
2017 विधानसभाडॉ. जमूना प्रसाद सरोजADS77,814गीता पासीBSP60,07917,735
2022 विधानसभागीता पासी (शास्त्री)SP91,474डॉ. जमूना प्रसाद सरोजADS85,8845,590
2024 लोकसभा (सोरांव बढ़त)उज्ज्वल रमण सिंह / पंढरी यादवSP88,454केसरी देवी / नीरज त्रिपाठीBJP106,08817,634 (BJP बढ़त)
🗳️ सोरांव (SC) सीट: ओपिनियन पोल्स ---- 
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7. प्रतापपुर विधानसभा सीट (257) – Pratappur Assembly Seat

🔍 ज़मीनी समीकरण, local मिजाज व स्थानीय मुद्दे:

गंगापार की प्रतापपुर सीट पर हमेशा से अवध और पूर्वांचल की मिली-जुली राजनीति का असर दिखता है। वर्तमान में यहाँ से समाजवादी पार्टी की सीनियर नेत्री विजमा यादव विधायक हैं।

इस क्षेत्र में यादव, पटेल (कुर्मी), मुस्लिम, ब्राह्मण और मौर्य मतदाताओं की बड़ी तादाद है। स्थानीय बोली में कहें तो "इहाँ के किसान अबहियों सरायममरेज़ अउर ऊंचडीह मार्ग के गड्ढन से आजिज़ आ चुके हैं।"

मुख्य स्थानीय मुद्दे: ऊंचडीह-सरायममरेज़ मुख्य मार्ग की खस्ताहाली, उग्रसेनपुर स्टेशन के पास ओवरब्रिज की मांग, नहरों की टेल (आखिरी छोर) तक पानी न पहुँचना और युवाओं का नौकरियों के लिए प्रयागराज शहर या दिल्ली पलायन। बसपा के घनश्याम पांडे और भाजपा-गठबंधन के प्रत्याशी यहाँ सपा के वोट बैंक में सेंध लगाने में जुटे हैं।

📊 प्रतापपुर सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड - - -

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभाविजमा यादवSP62,584मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकीBSP50,23012,354
2017 विधानसभामोहम्मद मुजतबा सिद्दीकीBSP66,805करण सिंह पटेलAD(S)64,1512,654
2022 विधानसभाविजमा यादवSP89,848घनश्याम पांडेBSP78,89210,956
2024 लोकसभा (प्रतापपुर बढ़त)अमरनाथ सिंह मौर्यSP92,400प्रवीण पटेलBJP78,10014,300 (SP बढ़त)
🗳️ प्रतापपुर सीट: ओपिनियन पोल्स ::----
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8. हंडिया विधानसभा सीट (258) – Handia Assembly Seat

🔍 ज़मीनी समीकरण, local मिजाज व स्थानीय मुद्दे:

हंडिया सीट को प्रयागराज के देहाती इलाकों में राजनीति की 'अकादमी' माना जाता है। यहाँ से पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के बेटे हाकिम चंद्र बिंद (सपा) विधायक हैं। यहाँ बिंद (मल्लाह/केवट), यादव, मुस्लिम, ब्राह्मण और दलित मतदाताओं का बड़ा समीकरण है।

स्थानीय स्तर पर महाभारत कालीन ऐतिहासिक धरोहर 'लाक्षागृह' को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने का मुद्दा हर चुनाव में गूँजता है।

मुख्य स्थानीय मुद्दे: हंडिया बाजार में लगने वाला भीषण ट्रैफिक जाम, नेशनल हाईवे से उतरने वाली एप्रोच रोड्स का बदहाल होना, गंगा तटीय गांवों में कटान और स्थानीय बुनकरों/व्यापारियों को प्रोत्साहन न मिलना। निषाद पार्टी व भाजपा का गठजोड़ यहाँ बिंद और मल्लाह मतों को साधने में पूरी ताकत लगा रहा है।

📊 हंडिया सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड ---

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभामहेश नारायण सिंहSP61,003राकेश धर त्रिपाठीBSP48,01112,992
2017 विधानसभाहाकिम चंद्र बिंदBSP70,223महेश नारायण सिंहSP61,7188,505
2022 विधानसभाहाकिम चंद्र बिंदSP84,553प्रशांत सिंहNISHAD81,0103,543
2024 लोकसभा (हंडिया बढ़त)अमरनाथ सिंह मौर्यSP96,200प्रवीण पटेलBJP74,80021,400 (SP बढ़त)
🗳️ हंडिया सीट: ओपिनियन पोल्स - - - - - - 
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9. करछना विधानसभा सीट (261) – Karchhana Assembly Seat

🔍 ज़मीनी समीकरण, local मिजाज व स्थानीय मुद्दे:

यमुनापार की करछना सीट राजनीतिक रूप से पूरे जिले की सबसे वीआईपी सीटों में गिनी जाती है। यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रेवती रमण सिंह और वर्तमान कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह का गृह क्षेत्र है। हालाँकि 2022 में भाजपा के पियूष रंजन निषाद ने इस सीट पर कमल खिलाकर इतिहास रच दिया था।

यहाँ निषाद, ब्राह्मण, पटेल, यादव, मौर्या और अनुसूचित जाति के मतदाता निर्णायक हैं।

मुख्य स्थानीय मुद्दे: जेपी पावर प्लांट के कारण विस्थापित हुए ग्रामीणों के मुआवजे व नौकरियों का विवाद, यमुना नदी के बालू घाटों का संचालन, कौंधियारा और करछना ब्लॉक में आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा और बारिश में यमुना का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों में कटान।

📊 करछना सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड-----  

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभादीपक पटेलBSP68,000उज्ज्वल रमण सिंहSP63,4004,600
2017 विधानसभाउज्ज्वल रमण सिंहSP72,500पियूष रंजन निषादBJP57,40015,100
2022 विधानसभापियूष रंजन निषादBJP89,079उज्ज्वल रमण सिंहSP79,3819,698
2024 लोकसभा (करछना बढ़त)उज्ज्वल रमण सिंहINC (SP)94,100नीरज त्रिपाठीBJP82,30011,800 (INC बढ़त)
🗳️ करछना सीट: ओपिनियन पोल्स____
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10. मेजा विधानसभा सीट (259) – Meja Assembly Seat

🔍 ज़मीनी समीकरण, local मिजाज व स्थानीय मुद्दे:

विंध्य पर्वत श्रृंखला के पास बसी मेजा सीट पर वर्तमान में सपा की संदीप पटेल विधायक हैं। यहाँ पटेल (कुर्मी), ब्राह्मण, यादव, मौर्या, कोल और दलित मतदाताओं का मिला-जुला समीकरण है। करवरिया परिवार (नीलम करवरिया) का भी यहाँ अच्छा-खासा प्रभाव रहा है।

यहाँ के बुजुर्ग अक्सर कहते हैं, "मेजा में जब तक घिसियाइत (पथरीली) जमीनों खातिर पानी अउर नलकूप नाहीं मिलिहैं, तब तक किसान खुशहाल नाहीं होई।"

मुख्य स्थानीय मुद्दे: मेजा रोड-सिरसा मार्ग की खस्ताहाली, मेजा थर्मल पावर प्लांट का बढ़ता वायु प्रदूषण, गर्मियों में पथरीले गांवों (सिरसा व मेजा देहात) में पीने के पानी का विकराल संकट और अन्ना मवेशियों द्वारा फसलों की बर्बादी।

📊 मेजा सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड ...... 

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभागिरिश चंद्र (गम्मा पांडे)SP52,110आनंद कुमार (कलेक्टर)BSP46,2005,910
2017 विधानसभानीलम करवरियाBJP67,800रामसेवक पटेलSP47,90019,900
2022 विधानसभासंदीप पटेलSP80,317नीलम करवरियाBJP77,1053,212
2024 लोकसभा (मेजा बढ़त)उज्ज्वल रमण सिंहINC (SP)88,400नीरज त्रिपाठीBJP81,1007,300 (INC बढ़त)
🗳️ मेजा सीट: ओपिनियन पोल्स______
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11. बारा (सुरक्षित) विधानसभा सीट (260) – Bara Seat (SC)

🔍 ज़मीनी समीकरण, local मिजाज व स्थानीय मुद्दे:

यमुनापार के खनिज और सिलिका सैंड (कांच बालू) बहुल क्षेत्र बारा (SC) सीट पर भाजपा के सहयोगी दल 'अपना दल (सोनेलाल)' के डॉ. वाचस्पति विधायक हैं।

यहाँ दलित (गौतम/पासी), पटेल (कुर्मी), कोल (आदिवासी), ब्राह्मण और यादव मतों का बड़ा असर है। शंकरगढ़ का इलाका सिलिका सैंड की खदानों के लिए पूरे देश में मशहूर है।

मुख्य स्थानीय मुद्दे: शंकरगढ़ व नारी बारी क्षेत्र में खदानों में काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य व न्यूनतम मजदूरी का सवाल, पथरीले इलाकों में गर्मियों में पीने के पानी की बूंद-बूंद किल्लत, लिफ्ट कैनॉल परियोजनाओं का ठप होना और तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार।

📊 बारा (SC) सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड------

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभाडॉ. अजय कुमारSP58,200भोलारामBSP43,10015,100
2017 विधानसभाडॉ. अजय कुमारBJP71,400विजय प्रकाशSP37,30034,100
2022 विधानसभाडॉ. वाचस्पतिAD(S)88,300अजय कुमारSP75,90012,400
2024 लोकसभा (बारा बढ़त)उज्ज्वल रमण सिंहINC (SP)86,200नीरज त्रिपाठीBJP82,9003,300 (INC बढ़त)
🗳️ बारा (SC) सीट: ओपिनियन पोल्स_____ 
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12. कोरांव (सुरक्षित) विधानसभा सीट (262) – Koraon Seat (SC)

🔍 ज़मीनी समीकरण, local मिजाज व स्थानीय मुद्दे:

प्रयागराज जिले का सबसे दक्षिणी छोर, जो मध्य प्रदेश की सीमाओं को छूता है—कोरांव (SC) सीट पर भाजपा के राजमणि कोल विधायक हैं। यहाँ कोल (आदिवासी/दलित), पासी, ब्राह्मण, पटेल और यादव मतदाताओं का प्रभाव है।

कोरांव को प्रयागराज का 'धान का कटोरा' कहा जाता है।

मुख्य स्थानीय मुद्दे: प्रसिद्ध बेलन नहर प्रणाली में टेल तक पानी न पहुँचना, धान खरीद केंद्रों पर बिचौलियों का बोलबाला, कोरांव कस्बे को तहसील से जिला बनाने की पुरानी मांग, और सुदूर आदिवासी कोल आबादी वाले गांवों में पक्के मकान, बिजली व सड़कों का न पहुँचना।

📊 कोरांव (SC) सीट: पिछले चुनावों व 2024 लोकसभा का पूरा रिपोर्ट कार्ड----

चुनावी वर्षविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटउपविजेता प्रत्याशीपार्टीमिले वोटहार-जीत का अंतर
2012 विधानसभाराजबली जैसलBSP50,400रामकृपालCPI40,20010,200
2017 विधानसभाराजमणि कोलBJP90,800रामदेवINC36,40054,400
2022 विधानसभाराजमणि कोलBJP92,100रामदेवINC (SP)68,00024,100
2024 लोकसभा (कोरांव बढ़त)नीरज त्रिपाठीBJP87,400उज्ज्वल रमण सिंहINC (SP)81,9005,500 (BJP बढ़त)
🗳️ कोरांव (SC) सीट: ओपिनियन पोल्स  _ __ __ __
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🏁 3. प्रयागराज जिले का समग्र सियासी निष्कर्ष (District Summary)

प्रयागराज उत्तर प्रदेश की राजनीति का ऐसा विशाल समुद्र है जहाँ तीन अलग-अलग धाराएं बहती हैं—शहरी क्षेत्र (शहर दक्षिण, शहर उत्तर, शहर पश्चिम) जहाँ राष्ट्रवाद, कानून-व्यवस्था, व्यापारिक सुरक्षा और महाकुंभ का विकास हावी है; गंगापार (फूलपुर, फाफामऊ, सोरांव, प्रतापपुर, हंडिया) जहाँ पटेल, यादव, मौर्या और मुस्लिम मतों के बीच कड़ा जातिगत संघर्ष है; और यमुनापार (करछना, मेजा, बारा, कोरांव) जहाँ पेयजल संकट, खदानें, बिजली प्लांट और किसान सबसे बड़े निर्णायक हैं।

  • 2022 के विधानसभा नतीजों में: भाजपा गठबंधन ने 12 में से 8 सीटें जीती थीं, जबकि सपा ने 4 सीटों पर बाज़ी मारी थी।

  • 2024 के लोकसभा नतीजों में: कांग्रेस-सपा गठबंधन (उज्ज्वल रमण सिंह) ने इलाहाबाद सीट जीती और फूलपुर में भी बहुत कड़ा मुकाबला दिया, जिससे 2027 का माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है।

  • 2027 का महा-संग्राम: भाजपा जहाँ महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर अपने 8 सीटों के किले को बचाने उतरेगी, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपने 'PDA' कार्ड, बेरोजगारी और स्थानीय किसान-मजदूर मुद्दों के दम पर बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में हैं।

🔗 यह भी पढ़ें (हमारे अन्य जिलों के एक्सक्लूसिव ओपिनियन पोल्स):

अगर आप उत्तर प्रदेश के अन्य चर्चित जिलों के सटीक चुनावी समीकरण, पोल और ग्राउंड रिपोर्ट देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें:

📣 बेबाक अपील (अपनी राय दर्ज करें):

आपकी नज़र में प्रयागराज का 2027 का मूड क्या है? 12 सीटों वाली संगम नगरी में इस बार योगी आदित्यनाथ की भाजपा अपना परचम लहराएगी या अखिलेश यादव का 'PDA' बाज़ी मारेगा? अपने क्षेत्र, तहसील या गांव का नाम लिखकर नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय ज़रूर दें!

🔗 इस विस्तृत 'लाइव ओपिनियन पोल व ग्राउंड रिपोर्ट' के लिंक को प्रयागराज के अपने सभी व्हाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक दोस्तों के साथ तुरंत शेयर करें!

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📌 बस्ती जिले का राजनैतिक मिजाज और जमीनी समीकरण__                     उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में स्थित बस्ती जिला राजनीति का एक बेहद अहम और संवेदनशील केंद्र है। कुआनो नदी के तट पर बसे इस जिले का चुनावी गणित जितना सीधा दिखता है, धरातल पर उतना ही पेचीदा है। बस्ती जिले में मुख्य रूप से कुर्मी (पटेल), ब्राह्मण, दलित, यादव और मुस्लिम मतदाताओं का भारी बाहुल्य है। यहाँ की राजनीति में पिछड़ों और सवर्णों की राजनैतिक गोलबंदी हमेशा से हार-जीत का मुख्य कारण बनती आई है। अगर पिछले इतिहास पर नज़र डालें, तो 2017 की प्रचंड मोदी लहर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहाँ क्लीन स्वीप करते हुए जिले की सभी 5 सीटों पर परचम लहराया था। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में पासा पूरी तरह पलट गया। समाजवादी पार्टी (SP) ने अपने मजबूत गठबंधन और जमीनी मुद्दों के सहारे ज़बरदस्त वापसी की और 5 में से 4 सीटों पर कब्ज़ा जमाकर भाजपा को करारी शिकस्त दी। भाजपा सिर्फ हर्रैया सीट ही बचा सकी थी। 2027 का यह चुनाव भाजपा के लिए खोई हुई ज़मीन वापस पाने की अग्निपरीक्ष...

Jantar Mantar Protest Maha Poll: सोनम वांगचुक, NTA, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर देश का सबसे बड़ा महा-सर्वे ! 10 बड़े सवालों पर दें अपनी राय !

नई दिल्ली ग्राउंड रिपोर्ट:  -- दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय देश के युवाओं, छात्रों और शिक्षाविदों के सबसे बड़े आंदोलन का केंद्र बन चुका है। सोनम वांगचुक का आमरण अनशन, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का रात भर का पहरा, NEET धांधली की गूंज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग—इन सभी मुद्दों ने पूरे देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। क्या सरकार छात्रों की आवाज़ दबा रही है? क्या NTA को बंद कर देना चाहिए? 2026-2027 के चुनावों में यह युवा वोट बैंक क्या गुल खिलाएगा? बिंदास पोल (Bindaas Poll) आपके लिए इस पूरे राष्ट्रीय मुद्दे से जुड़े 10 सबसे कड़क और बड़े सवाल एक ही पेज पर लेकर आया है। 👇 नीचे दिए गए सभी 10 महा-पोल्स पर अपनी बेबाक वोटिंग करें और अपनी भड़ास निकालें ! 📌 1. सोनम वांगचुक का अनशन और पुलिस कार्रवाई लद्दाख के समाजसेवी सोनम वांगचुक 21 दिन से पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर थे, जिन्हें पुलिस ने जबरन अस्पताल पहुंचा दिया। Super Survey Maker 📌 2. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों का सीधा आरोप है कि इतनी परीक्षाओं में धांधली के बाद शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी ले...

Varanasi Political History & Assembly Poll 2027: वाराणसी का राजनीतिक इतिहास, लोकसभा-विधानसभा का पूरा समीकरण और लाइव पोल!

  📌 वाराणसी (काशी) का राजनीतिक इतिहास और महत्व ___ _ उत्तर प्रदेश की राजनीति में वाराणसी (Varanasi Political History) सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि देश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु है। भगवान शिव की नगरी काशी सांस्कृतिक रूप से जितनी समृद्ध है, राजनीतिक रूप से उतनी ही जागरूक भी रही है। वर्तमान में यह क्षेत्र इसलिए सबसे वीआईपी है क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहाँ से सांसद हैं।  वाराणसी की धरती ने देश को महान नेता दिए हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से यहाँ व्यापारिक वर्ग, ब्राह्मण, भूमिहार, यादव, मौर्य, पटेल (कुर्मी) और मुस्लिम मतदाताओं का बड़ा प्रभाव है। यहाँ की जनता का मूड पूरे पूर्वांचल (Eastern UP) की राजनीति की दिशा तय करता है। 🗳️ वाराणसी लोकसभा सीट: एक नज़र में (Varanasi Lok Sabha Equation)______ वाराणसी लोकसभा क्षेत्र (Varanasi Lok Sabha Seat) देश की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। सांसद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (BJP) चुनावी मिजाज: 2014 से लगातार यह सीट भारतीय जनता पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ बनी हुई है। पीएम मोदी के यहाँ से चुनाव लड़ने के कारण वाराणसी में विकास...